अविवाहित महिलाओं को 50 वर्ष के बाद पेंशन : CM

 

भोपाल। भारत में आदिकाल से महिलाओं को देवी माना जाता है। हमारे देश की रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और लोकसभा स्पीकर भी महिला हैं। हमारे देश में तो हमेशा से महिलाओं को सम्मान मिला है, देवताओं ने भी संकट की दशा में शक्ति की शरण ली है। यह बात गुस्र्वार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जवाहर बाल भवन में आयोजित महिला सम्मेलन में कही। इस मौके पर महिलाओं के कल्‍याण के लिए अनेक घोषणाएं भी की गई। सीएम ने कहा कि भारत के विशिष्ट पदों पर आज हमारी माताएं-बहनें विराजमान हैं और पद की गरीमा को बढ़ाते हुए बड़े व महत्वपूर्ण फैसले लेकर हम सभी को गौरवान्वित कर रही हैं। फिर एक दिन ही महिला दिवस क्यों मनाया जाए, जब एक दिन भी महिला के बिना घर, समाज और राष्ट्र नहीं चल सकता तो हर दिन महिला के सम्मान का क्यों न हो।

सम्मेलन की अध्यक्षता महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने की। वहीं राज्य मंत्री ललिता यादव कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बचपन से देखा है कि बेटा हो तो सब खुश, लेकिन बेटी का जन्म हो तो उसकी मां से लेकर पूरा परिवार दुखी हो जाता है। इस सोच को बदलना होगा। मैंने मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना बनाई, ताकि बेटी बोझ नहीं, बल्कि वरदान बन जाए। आज मध्यप्रदेश में जन्म लेने वाली हर बेटी लखपति है। स्थानीय निकाय चुनाव में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। आज निकायों में 56 प्रतिशत महिलाएं प्रतिनिधित्व कर रही हैं। हॉकी की नेशनल टीम में हमारी 6 बेटियों का चयन हुआ और अपने उत्कृष्ट खेल से देश-प्रदेश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ाने का काम किया ।

 

महिलाओं को सौंपी ऑटो रिक्शा की चाबी

सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री ने भोपाल में जवाहर बाल भवन परिसर में नवनिर्मित कामकाजी महिला वसति गृह स्वयंसिद्धा (हॉस्टल) का लोकार्पण किया और इसका अवलोकन किया। उन्होंने इस मौके पर लगी प्रदर्शनी भी देखी। इसके बाद आत्मनिर्भर महिला चालक को ऑटोरिक्शा की चाबी सौंपी।

विशेष योगदान के लिए मिला सम्मान

सम्मेलन में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। लाड़ो अभियान के अन्तर्गत 100 से अधिक बाल-विवाह रुकवाने के लिये मंदसौर के राघवेन्द्र पुरोहित, लाड़ो अभियान के अन्तर्गत स्वयं के बाल-विवाह को रोकने के लिए हरदा की अनिता विश्वकर्मा, जबलपुर की प्रख्यात बाल गायिका व लाड़ो अभियान की ब्रांड एम्बेसेडर इशिता विश्वकर्मा को सम्मानित किया गया। वहीं लिंगानुपात में सुधार के लिए बुरहानपुर जिले को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

इसके साथ ही भोपाल की सुश्री पूनम श्रोती को मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा सम्मान प्रदान किया गया। वहीं तेजस्विनी पुरस्कार के तहत कोदो पट्टी एवं जैविक खेती के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार देने के लिए बालाघाट जिले की इंद्रानी वरकडे, शांति टेकाम, डिंडोरी की विनिता नामदेव व रेखा पंद्राम को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 12 वृद्ध महिलाओं को भी शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा सशक्तवाहिनी के लिए बुरहानपुर की निधी गुप्ता, भोपाल रेलवे में लोको पायलट व सहायक पायलट आरती सिंह राजपूत, प्रीति वर्मा, मंजू, दीपिका झरबड़े सहित अन्य को भी सम्मानित किया गया।

 
अविवाहित महिलाओं को 50 वर्ष के बाद पेंशन : CM