काबुल हमलों से नाराज अफगान प्रेसिडेंट ने मोदी से की बात, PAK पीएम का फोन नहीं किया रिसीव

काबुल में पिछले दिनों हुए दो हमलों में पाकिस्तान का हाथ सामने आने के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद खराब दौर में पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी के मुताबिक, काबुल हमलों पर शोक जताने के लिए पाकिस्तान के पीएम शाहिद खकान अब्बासी ने जब अफगानिस्तान के प्रेसिडेंट अशरफ गनी को फोन किया तो नाराज गनी ने उनसे फोन पर भी बातचीत से इनकार कर दिया। खास बात ये है कि इसी दौरान गनी ने पीएम मोदी से फोन पर लंबी बातचीत की। बता दें कि काबुल के इन दो हमलों में कुल मिलाकर 143 लोग मारे गए थे। अफगानिस्तान का दावा है कि ये हमले पाकिस्तान आर्मी ने कराए और इसके सबूत भी पाकिस्तान को भेज दिए गए हैं।

पाकिस्तान की हरकत से गुस्से में अफगान प्रेसिडेंट

– अशरफ गनी द्वारा पाकिस्तान के पीएम से फोन पर बातचीत से इनकार किए जाने की खबर अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी टोलो ने दी है।
– खबर के मुताबिक, पाक पीएम अब्बासी ने बुधवार को अशरफ गनी को काबुल हमलों पर शोक जताने के लिए फोन किया। प्रोटोकॉल के तहत अब्बासी ने फोन करने से पहले अफगान प्रेसिडेंट के दफ्तर को एक पहले मैसेज भेजा।
– जैसे ही ये मैसेज गनी तक पहुंचा तो उन्होंने अब्बासी से बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। आमतौर पर वर्ल्ड लीडर्स के बीच ऐसे वाकए होते नहीं हैं। लिहाजा, अफगान प्रेसिडेंट का यह कदम बताता है कि वो पाकिस्तान की हरकतों से कितने खफा हैं।

मोदी से खुलकर की बातचीत

– न्यूज एजेंसी के दौरान गनी ने अब्बासी से बात नहीं की लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान में मौजूद आतंकी पनाहगाहों को लेकर लंबी बातचीत की। दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि आतंकवादियों की पनाहगाहों को खत्म किया जाना जरूरी है।

– गनी ने मोदी से कहा कि अफगानिस्तान भारत हमेशा से एक सच्चा दोस्त मानता आया है जो हर दुख और दर्द में उसका साथ देता है।