ठहाका लगाकर हंसने से दूर होती है बीमारी

त्वचा में सोरायसिस (हाथ-पैर में चमड़े की परत छूटना) ठहाका या जोर से हंसने से काफी कम हो जाता है। यह बीमारी सबसे अधिक तनाव के कारण होती है। सबसे अधिक युवा इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। बिहार में इस बीमारी से पीड़ितों की संख्या लगभग 56 लाख है। 300 मरीजों पर किए गए अध्ययन के बाद पता चला कि सोरायसिस में कोशिकाएं टूटने लगती हैं, जिससे त्वचा की ऊपरी परत में सूखापन आ जाता है।
इसमें परत छोड़ती है त्वचा
इस बीमारी में त्वचा परत छोड़ने लगती है। अध्ययन में पाया गया कि ठहाका लगाने पर नसों का टूटना कम हो जाता है। यह रक्त संचार तेज होने से होता है। पीएमसीएच में 300 मरीजों में 30 ऐसे हैं] जिन्होंने ठहाका, जोर से हंसने, योग करने से इस बीमारी पर नियंत्रण पाया है । बीमारी सबसे पहले कोहनी, सिर और घुटने में होती है। इसके बाद यह पूरे शरीर में फैलना शुरू हो जाती है। हालांकि इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। नारियल का तेल इस बीमारी में काफी फायदेमंद साबित होता है।
अमेरिकी विशेषज्ञों ने दी थी जानकारी
ठहाका लगाकर हंसने से सोरायसिस जैसी बीमारी पर नियंत्रण पाने का पता अमेरिकी विशेषज्ञों ने लगाया था। फिर अमेरिका में ऐसे मरीजों को लॉफिंग क्लबों में जाने की सलाह दी गई। यह काफी कारगर हुआ। इसके
बाद एम्स नई दिल्ली और रिम्स रांची में विशेषज्ञों ने अलग-अलग अध्ययन किया। इसी आधार पर पटना के पीएससीएच में भी 300 मरीजों का अध्ययन किया।
सबसे ज्यादा युवा होते हैं पीड़ित, लंबे समय तक चलता है इलाज
एक अध्ययन में पाया गया कि सोरायसिस पीड़ितों में सबसे ज्यादा युवा हैं। इन्हें यह बीमारी तनाव, अनियमित दिनचर्या, हाइपरटेंशन और रोग प्रतिरोधी क्षमता कम होने के कारण हुई है। यह ऐसी बीमारी है जिसकी दवा लम्बे समय तक चलती है। ठहाका, जोर से हंसना, योग इसका बेहतर उपचार हैं। मरीजों को ऐसा करने की सलाह दी जा रही है।