तीसरी आंख और इसके मसाज के फायदे

हिंदू धर्म ग्रंथों में तीसरी आंख का धार्मिक वर्णन मिलता है, और भगवान शंकर में तीसरी आंख होने की बात भी कही गई है। हालांकि तीसरी आंख को किसी ने नहीं देखा , यह केवल मानसिक चेतना की बात है। लेकिन विज्ञान की मानें तो तीसरी आंख यानी अवचेतन मन का हमारे दिमाग पर बहुत असर पड़ता है। यह एक ऐसा बिंदु है जिस पर मसाज करने से शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी फायदा होता है। महिलाएं इसी बिंदु पर बिंदी लगाती हैं, और इसके फायदों को विज्ञान ने भी माना है। इस लेख में हम आपको थर्ड आई यानी तीसरी आंख में मसाज के तरीके और इससे होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं।
कहां हैं तीसरी आंख
प्राचीन परंपराओं में ही कई वर्तमान समस्याओं का उपचार निहित है। तीसरी आंख हमारी दोनों भौहों के बीच का हिस्सा है। इस पर मसाज करने के कई फायदे हैं – जैसे इससे दिमाग को केंद्रित करने में मदद मिलती है, इससे तनाव दूर होता है, यह आंखों की थकान भी दूर करता है, इसके अलावा इसके कई दूसरे अन्य फायदे भी हैं। योग में भी इसक बहुत अधिक महत्व है, इसको जागृत करने के लिए कई योग और ध्यान मुद्रायें भी हैं।
कैसे करें मसाज
तीसरी आंख के बिंदु पर मसाज करने के लिए मन को शांत कर लेट जाएं। दोनों आंखों को बंद कर लें। फिर दोनों अंगूठों से भौहों के बीच में दबाव डालें। हाथों की दूसरी उंगलिरयों से सिर के दूसरे हिस्सों को पकड़ें। मसाज के दौरान अंगूठों को बिंदु से दूर ले जाकर आराम से पास ले आएं। शुरू में हल्का दबाव डालें, फिर दबाव और बढ़ा सकते हैं। शरीर को अच्छा एहसास होने तक मसाज करें। इससे तनाव और थकान तुरंत छूमंतर हो जाएगा।
क्या हैं फायदे
तीसरी आंख सीधे पाइनियल ग्रंथि से जुड़ी है, जिसपर मसाज करने से शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं। यह शरीर का वह हिस्सा है जिसके अंदर से मेलाटोनिन हार्मोन का स्राव होता है। यह वही हार्मोन है जो इंसान के सोने और उठने की दिनचर्या को नियमित करता है। इससे तनाव दूर होता है, मूड अच्छा होता है, शरीर को ऊर्जा मिलती है, थकान दूर होती है। दिनभर के कामकाज से थकने के बाद अगर इस बिंदू पर चंद मिनट ही मसाज की जाए तो सभी तरह का दर्द और थकान दूर हो जाएगा और आपको चैन की नींद आएगी। ऐसा माना जाता है कि इस बिंदु की खोज 5 हजार साल पहले हुई थी। आज हमारे शरीर में 400 से ज्यादा बिंदु ऐसे हैं जिनपर दबाव डालने से शरीर के कई रोग दूर होते हैं और आराम मिलता है।