बुन्देलखण्ड में उफनाई नदियों ने झांसी और ललितपुर में मचाई भारी तबाही ,टापू में फंसे 14 लोगों को सेना ने हेलीकॉप्टर से निकाला

 झांसी / ललितपुर।  दो दिनों से लगातार जारी बारिश ने बुन्देलखण्ड और एमपी के सीमावर्ती इलाकों में आफत खड़ी कर दी है। राजघाट और माताटीला बांध लबालब हो गए। बांधों से रविवार को रिकॉर्ड पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बेतवा समेत अन्य छोटी बरसाती नदियों में सैलाब आ गया। उफनाई नदियों ने झांसी और ललितपुर में भारी तबाही मचाई। सैलाब के चलते टापू में फंसे 14 लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी।  शनिवार से जारी बारिश ने झांसी में दर्जनों मकान ढह गए। एक महिला समेत दो लोगों की मलबे में दबने से मौत हुई जबकि दो लोग नदी में बह गए। ललितपुर में भी दर्जनों मकान मलबे में तब्दील हो गए। ललितपुर और उससे सटे मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में लगातार बारिश से राजघाट और माताटीला बांध लबालब हो गए। रविवार को तड़के दोनों बांधों के गेट खोलकर भारी मात्रा में पानी डिस्टचार्ज करना पड़ा। इससे बेतवा नदी उफना गयी और पचासों गांवों में पानी घुस गया।

ललितपुर में सुकुवां डुकुवां के आगे कंधारीकलां स्थित एक टापू पर आधा दर्जन चरवाहे फंस गए। डीएम ने सेना से मदद मांगी। सूचना मिलते ही सेना ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाया और टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी तरह झांसी में गरौठा तहसील के गांव जुझानपुरा में बेतवा नदी पर मछली पकड़ने गए 8 मछुआरों की जान घंटों आफत में फंसी रही। बहाव तेज होने पर यह मछुआरे टापू पर पहुंच गए थे। इन्हें भी सेना के हेलीकॉप्टर से बाहर निकाला गया।