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भारत-रुस मैत्री का सबसे बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ का भिलाई इस्पात संयंत्र :

 

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि भारत-रुस मैत्री का सबसे बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ का भिलाई इस्पात संयंत्र है, जिसके निर्माण में दोनों देशों के इंजीनियरों और कामगारों ने मिलकर परिश्रम किया है। मुख्यमंत्री ने आज यहां भारत-रूस मैत्री के 70 वर्ष होने और 71वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर मोटर-कार रैली का अपने निवास परिसर में शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने रैली में शामिल भारत, रुस और थाईलैंड के यात्रियों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। डॉ. सिंह ने परिसर में झंडी दिखाकर रैली को भारत में आगे की नौ हजार किलोमीटर की यात्रा के लिए शुभकामनाओं सहित भावभिनी बिदाई दी। रैली का आयोजन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा किया गया है। यह रैली आज भिलाई इस्पात संयंत्र से प्रारंभ होकर आज सवेरे रायपुर पहुंची।
दोनों देशों के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों के 70 वर्ष पूर्ण हुए हैं। आने वाले समय में दोनों देशों की यह दोस्ती और  भी ज्यादा मजबूत होगी। रैली में शामिल 10 कारों में 40 यात्री सफर कर रहे हैं। रैली 23 दिनों में 9000 किलोमीटर की यात्रा कर 13 मार्च को इंडिया गेट नई दिल्ली में समाप्त होगी। रैली के दौरान यात्री रसिया के सहयोग से बने कारखाने और संस्थानों की यात्रा करेंगे। यह रैली भिलाई- रायपुर- रांची- बोकारो- जमशेदपुर- भुवनेश्वर-विशाखापट्टनम- अमरावती- विजयवाडा- हैदरावाद- चेन्नई- कुडलोर- नेवेली- कन्याकुमारी- बैंगलूरू- गोवा- नवी मुंबई- बड़ोदरा- राजकोट- जामनगर-अहमदावाद- अजमेर- नई दिल्ली – ऋषिकेश- नई दिल्ली पहुंचेगी।  रैली विदेश मंत्रालय भारत सरकार, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, केन्द्रीय जहाज रानी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इस दौरान रैली रांची में हेवी इंडस्ट्री प्लांट, बोकारो में मेटालर्जिकल प्लांट, विशाखापटटनम में मेटालर्जिकल प्लांट, हैदराबाद में ब्रम्होस प्रोडक्शन यूनिट, चेन्नई में कन्सुलेट जनरल ऑफ रशिया और थियोसोफिकल सोसायटी, नेवेली में थर्मल पावर प्लांट, कुडनकुलम में न्यूक्लियर प्लांट, जामनगर में भारत-रशिया सहयोग से स्थापित कंपनी, ऋषिकेश में एंटीबायोटिक मेन्यूफेक्चरिंग प्लांट और हाइड्रो पावर स्टेशन और नई दिल्ली में रशियन दूतावास की यात्रा करने के बाद इंडिया गेट नई दिल्ली में समाप्त होगी।

 
भारत-रुस मैत्री का सबसे बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ का भिलाई इस्पात संयंत्र :