भोपाल ने दिया सरकार बनाने में योगदान, 65.71 फीसदी हुआ मतदान

प्रदेश की सरकार बनाने में शहरवासियों ने 65.71 फीसदी वोटिंग कर योगदान दिया है। सरकार भाजपा की होगी या कांग्रेस की, परिणाम 11 दिसंबर को सामने आएंगे, लेकिन मत प्रयोग को लेकर जिले की सातों सीटों पर उत्साहजनक माहौल देखने को मिला। नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा, हुजूर सहित बैरसिया विधानसभा सीटों से छुट-पुट विवाद की खबरें मिलीं पर चौकस सुरक्षा व्यवस्था के चलते मतदान शांतिपूर्ण हुआ। जिले में सातों विधानसभा सीट पर 2566 मतदाता केंद्र बनाए गए थे, जिन पर 2255 मतदान दलों ने वोटिंग संपन्न कराई। सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटिंग धीमी रही पहले एक घंटे में महज दो से तीन प्रतिशत ही वोटिंग हुई। 10 बजे तक यह प्रतिशत 20 फीसदी तक पहुंच गया। इसके बाद दोपहर 2 तक मतदान का प्रतिशत 45 पर पहुंचा। सुबह 8.30 बजे खबर आई कि सातों सीटों पर करीब 38 बीयू, 33 सीयू और 45 वीवीपेट मशीनें खराब हैं। इन्हें तत्काल बदलवाया गया। हालांकि इसके चलते मॉकपोल भी देरी से शुरू हो पाया और मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। कलेक्टर सुदाम पी खाडे के मोबाइल पर ही मशीनें चालू न होने की सुबह से लेकर शाम तक 200 कॉल आए। हालांकि कलेक्टर ने स्वयं कमान संभाल रखी थी इसलिए तत्काल मदद पहुंचाई गई।

14 हजार 329 कर्मचारियों ने किया मतदान

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की कवायद के चलते ऐसा पहली बार हुआ है कि भोपाल में अब तक 14 हजार 329 कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भोपाल शहर के इतिहास में पहली बार इतनी अधिक संख्या में कर्मचारियों ने मतदान किया है। कुल 20 हजार 74 कर्मचारियों को इस बार वैलेड पेपर इश्यु किया जाना है। इस तरह कुल 71 फीसदी कर्मचारियों ने मतदान किया है। बता दें कि 2013 के विधानसभा चुनाव में 11 हजार 961 कर्मचारियों ने जिनकी ड्यूटी चुनाव में लगाई गई थी मतदान किया था।

निर्वाचन आयोग के नवाचारों का मिला-जुला रहा असर

– देश के पहले ई-क्यू लैस मतदान केंद्र में बूथ क्रमांक 219 में 74 फीसदी तो बूथ क्रमांक 233 में 44 प्रतिशत ही रहा मतदान।

– 33 क्यू लैस मतदान केंद्रों में ईवीएम की गड़बड़ी के चलते टोकन व्यवस्था रही ध्वस्त, टोकन के लिए भी लगना पड़ा लाइन में।

– महिला मतदान केंद्र बनाने के चलते कुछ विधानसभा जैसे गोविंदपुरा, मध्य और बैरसिया में महिला मतदाता का प्रतिशत पुरूषों से ज्यादा रहा।

– गोविंदपुरा में 74 फीसदी, मध्य में 64 तो बैरसिया में 66 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया।

– आयोग का सुगम्य एप रहा फेल, हर घंटे नहीं मिल पाई मतदान की स्थिति, दो घंटे लेट चला पोर्टल

– दिव्यांगों के लिए घर से घर तक सुगम मतदान के तहत महज 2268 दिव्यांगों और 3 हजार 215 गर्भवती महिलाओं को ओला कैब के माध्यम से मतदान करवाया गया।

विधानसभावार पांच बजे तक की स्थिति(फाइनल)

विधानसभा मतदान का प्रतिशत

बैरसिया 76.62 , उत्तर 65.87 , नरेला 65.47 , दक्षिण पश्चिम 62.58 ,मध्य 60.57 ,गोविंदपुरा 59.72 ,हुजूर 69.14, कुल 65.71