मध्यप्रदेश में कूदे अमित शाह, बोले ‘मध्यप्रदेश’ को तुष्टिकरण का केंद्र बनाती कांग्रेस सरकार

दिल्ली। मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाने पर प्रतिबन्ध लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है।
‘वंदे मातरम’ मात्र एक गीत भर नहीं होकर यह भारत की स्वतंत्रता आन्दोलन का प्रतीक एवं प्रत्येक भारतीय का प्रेरणाबिंदु है। ‘वंदे मातरम’ में सम्पूर्ण भारत की रागात्मक अभिव्यक्ति समाहित है। ‘वंदे मातरम’ पर प्रतिबन्ध लगाकर कांग्रेस ने न सिर्फ देश की स्वाधीनता के लिए वंदे मातरम का जय घोष गाकर अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले वीर बलिदानियों का अपमान किया है बल्कि यह मध्य प्रदेश की जनता के साथ भी विश्वासघात है।
किसी भी प्रकार की राजनीतिक सोच में देश के बलिदानियों का अपमान करना मेरे जैसे एक आम भारतीय की द्रष्टि में देशद्रोह के समान है।

‘वंदे मातरम’ किसी एक वर्ग विशेष का नहीं है बल्कि भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण आहूत करने वाले लाखों सेनानियों के त्याग का प्रतीक हैं और केवल एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए इसका अपमान करना बहुत ही दुख:द, शर्मनाक एवं देश की स्वतंत्रता का अपमान भी है।

मैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी से पूछना चाहता हूँ कि ‘वंदे मातरम’ का यह अपमान क्या उनका निर्णय है? कांग्रेस सरकार के इस दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय पर राहुल गाँधी को देश की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।