मध्य प्रदेश में सरकार आई तो हम 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ कर देंगे: राहुल

इंदौर.मंदसौर गोलीकांड की पहली बरसी पर राहुल गांधी बुधवार को खोखरा गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि मोदीजी ने किसानों के साथ धोखा किया। उन्होंने किसानों को फसलों की सही कीमत देने का वादा किया था। लेकिन वे सब में फेल हो गए। अगर मध्य प्रदेश में हमारी सरकार आई तो हम 10 दिन में किसानों का कर्जा माफ करेंगे। इससे पहले वे आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने पहुंचे। उनसे करीब 10 मिनट तक बात की। मृतक किसान अभिषेक पाटीदार के परिवार ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ने हमें राहुल से न मिलने की हिदायत दी और दबाव बनाया।

कांग्रेस के नेता एक टीम बनकर काम करेंगे

राहुल गांधी ने कहा- “कांग्रेस पार्टी एक टीम बनकर और एक होकर चुनाव लड़ रही है। सब मिलकर एकसाथ आगे बढ़ेंगे। मैं आपको बताता हूं कि कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी के लिए खून-पसीना बहाते हैं। इसलिए मेरी प्राथमिकता में पहले देश की जनता, फिर पार्टी के कार्यकर्ता और फिर पार्टी के नेता हैं।”

कांग्रेससरकार में हमारेकार्यकर्ता की पहली जगह होगी

– “15 साल में आपने जो झेला है। हम उसे दूर करने की कोशिश करेंगे। मध्यप्रदेश में हमारी सरकार बनते ही कांग्रेस के कार्यकर्ता की पहली जगह होगी। इसलिए आप प्रदेश के लोगों को बताइए कि किसान के साथ सरकार ने क्या किया।”

– “आप बताइए कि युवाओं को शिवराजजी और नरेंद्र मोदीजी ने किस तरह धोखा दिया। व्यापमं में शिवराज, उनके परिवार और भाजपा ने किस तरह धोखा दिया। इलाज के लिए युवाओं, माताओं को लाखों की जरूरत होती है, हमने राजस्थान में मुफ्त इलाज की व्यवस्था दी। हम शिक्षा-स्वास्थ्य कम से कम दामों में दिलवाते हैं।

किसानों के लिए मोदी जी के पास एक शब्द नहीं है

“मोदीजी से मैंने किसानों की आवाज सुनने को कहा। उनका जवाब सुनिए। वे 30 सेकंड चुप रहे। कोई जवाब ही नहीं दिया। नरेंद्र मोदी जी ने 5 शब्द भी नहीं कहे। बड़े-बड़े उद्योगपति आते हैं, घंटों भाषण चलता है, सूट-बूट में मीटिंग होती है। किसानों के लिए मोदी जी के पास एक शब्द नहीं है।”

प्रधानमंत्री ललित मोदी, नीरव मोदी से कहते हैं और पैसा ले जाओ

“मुझे बताया गया कि 1200 किसानों ने मध्यप्रदेश में आत्महत्या की है। एक के बाद एक मंदसौर के किसान आत्महत्या कर रहे हैं। हिंदुस्तान में सबसे अमीर लोगों का लाखों करोड़ का एनपीए है। 2.5 लाख करोड़ मोदी ने खुद उनको दिया। क्या इन लोगों के परिवारों में किसी ने आत्महत्या की? किसान को बताया जाता है कि कर्ज है, जाओ आत्महत्या करो। हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों पर लाखों-करोड़ों का कर्ज होता है। कहते हैं आप माल्या है, ललित मोदी हैं, नीरव मोदी हैं हमसे और पैसा लो और भाग जाओ। ना सजा होगी ना कार्रवाई होगी 30 हजार करोड़ नीरव मोदी की जेब में जाएंगे।”