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मप्र बजट 2018 : अध्यापक संवर्ग को समाप्त कर शिक्षक बनाया जाएगा, आैर जाने बजट में क्या हैं खास…

 

भोपाल।  वित्तमंत्री जयंत मलैया विधानसभा में बजट पेश कर रहे हैं। उन्हाेंने अपने भाषण में कहा  किसानों को उनकी फसल का उचित आय मिले, इसके लिए उन्हें समर्थन मूल्य दिया गया। किसानों के लिए भावांतर योजना चलाई जा रही है। प्रदेश के 15 लाख किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिला है।  राज्य सरकार ने 7.3 विकास दर हासिल की है। बजट भाषण के दौरान  विपक्ष ने वित्तमंत्री को टोका भी, लेकिन उन्होंने अपना भाषण जारी रखा। मप्र की विकास दर राष्ट्रीय विकास दर से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अध्यापक संवर्ग को समाप्त कर शिक्षक बनाया जाएगा। अतिथि शिक्षक व अतिथि विद्वानों का वेतन बढ़ेगा।उन्हाेंने अपने भाषण में यह भी कहा कि मध्यप्रदेश को पांच बार कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हुआ। कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 37,498 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों की फसल के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की संख्या बढ़ाई जाएगी। किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने हंगामा किया, वित्त को कुछ देर चुप होना पड़ा। कृषि उत्पादकता 18 से 35 क्विंटल हो गई है। वित्त मंत्री ने कहा, पांच साल में खेती से आय दोगुनी करने का लक्ष्य है। समझौता योजना में 350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। अल्पकालिक कर्ज चुकाने के डिफाल्टर किसानों के लिए समझौता योजना आएगी।

 

 

 

बजट के खास अंश

तीन हजार किमी सड़कें बनाई जाएंगी ,

इंदौर-भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत इसी साल

प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे

बढ़ाई किसानों को कर्ज चुकाने की तारीख

बढ़ाई किसानों को कर्ज चुकाने की तारीख: वित्तमंत्री जयंत मलैया ने बजट भाषण में किसानों को कर्ज चुकाने की अंतिम तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल की गई है। मछली पालन के लिए 51 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 1038 करोड़ रुपए पशु पालन के लिए खर्च होंगे। सहकारिता क्षेत्र के लिए 1500 करोड़ से अधिक का प्रावधान, 28 लाख किसानों को को होगा लाभ। सिंचाई के लिए 10928 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया, इस बीच विपक्षी सदस्यों ने नर्मदा नदी में पानी नहीं होने के मुद्दे पर हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष के हंगामे पर मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा, सिंचाई के लिए इतना पैसा कभी नहीं मिला। किसानों के लिए मुख्यमंत्री समाधान ऋण योजना शुरू की जाएगी। प्रदेश में गेहूं और मक्का का उत्पादन बढ़ गया है।

तीन हजार किमी सड़कें बनाई जाएंगी: वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3 हजार किमी सड़कें बनाई जाएगी। 532 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि 2003 में सड़कों में गड्ढों में सड़क खोजना पड़ती थी। भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा। जबलपुर, सागर, ग्वालियर शहरों में बायपास बनाया जाएगा।

इंदौर-भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत इसी साल : जयंत मलैया ने कहा कि इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना का शुभारंभ इसी साल किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे: बजट में लोक स्वास्थ्य के लिए 5689 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में छह नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। आयुष के लिए 413 करोड़ का प्रावधान है। जबलपुर में राज्य कैंसर सेंटर का निर्माण होगा। पूरक पोषण आहार के लिए 3722 करोड़ रुपए का प्रावधान। पूरक पोषण आहार की आपूर्ति का काम महिला स्व सहायता समूह को सौंपा जाएगा। भाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवा में मध्यप्रदेश 17वे नंबर पर है। ग्रामीणा क्षेत्रों में दस बिस्तर का अस्पताल खोलने पर सरकार अनुदान देगी। स्वास्थ्य स्कीम से 77 लाख परिवार को लाभ मिलेगा।

बजट में उद्यानिकी के लिए 1158 करोड़ रुपए, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 18000 करोड़ रुपए और बिजली के लिए 37 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 397 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 50 अनुसूचित क्षेत्रों में पचास और अन्य ग्रामीण क्षेत्र में पूंजी अनुदान 40 फीसदी होगा।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 9 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र के लिए 395 करोड़ रुपए का प्रावधान। मध्यप्रदेश के सभी शहरी क्षेत्र ओडीफ घोषित हो चुके हैं, प्रदेश में 7.5 लाख व्यक्तिगत शौचालय निर्माण किया गया है। स्कूली शिक्षा के लिए 21 हजार 724 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

 
मप्र बजट 2018 : अध्यापक संवर्ग को समाप्त कर शिक्षक बनाया जाएगा, आैर जाने बजट में क्या हैं खास…