श्रमिकों की जिंदगियों में खुशियां लाना हमारा संकल्प: शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्रमिकों की जिंदगियों में खुशियां लाना हमारा संकल्प है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याण योजनाओं का सूत्रपात इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के खजाने पर पहला हक उसका है जो सबसे गरीब और सबसे पीछे है। सरकार ने निर्धनता में जीवन गुजार रहे श्रमिकों की बेहतरी के लिए ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौहान आज जबलपुर में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ संवाद कर रहे थे। इस मौके पर विधायक श्री अशोक रोहाणी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा बल्कि उसे पट्टा देकर जमीन का मालिक बनाया जाएगा। जिले में एक लाख से अधिक पट्टे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक अपनी जमीन के वैधानिक मालिक होंगे। पट्टा देने के बाद मकान बनाने के लिए राशि भी दी जाएगी।

श्री चौहान ने आग्रह किया कि वे अपने सभी बच्चों को जरूरी तौर पर पढ़ाएं। उनके बच्चों की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने मजदूरों के परिवारों के सदस्यों के मुफ्त इलाज के अलावा महिला श्रमिकों के मातृत्व के दौरान राशि मुहैया कराने के भी प्रावधान किए हैं। उन्होंने 200 रूपए के फ्लैट रेट पर बिजली देने, दुर्घटना मृत्यु के मामले में परिवार को 4 लाख रूपए दिए जाने सहित अन्य प्रावधानों का भी उल्लेख किया। श्री चौहान ने श्रमिकों से स्वरोजगार योजनाओं और आजीविका मिशन से जुड़ने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को गरीबी के अभिशाप से मुक्त कराने और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री चौहान ने कहा कि केवल जबलपुर जिले में 6 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यदि अब भी कोई शेष रह गया हो तो आवेदन देने पर उसका नाम जोड़ा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर को मॉनीटरिंग टीम गठित कर सभी पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अप्रैल से 31 मई तक पंजीकृत होने वाले पात्र श्रमिकों को 13 जून को एक साथ हित-लाभ प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद शहरी क्षेत्रों के वार्डों के निवासी श्रमिकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी श्रमिकों को प्रावधानों के अनुसार सतत् रूप से हित-लाभ के वितरण की प्रक्रिया जारी रहेगी।