राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने दिया इस्तीफा, शिवराज सरकार पर लगाये ‘गंभीर आरोप’

भोपाल। राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के साथ-साथ कंप्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार पर धर्म का अनदेखा करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह समाज और संतों के हित में जो काम करना चाहते थे, नहीं कर पाए. कंप्यूटर बाबा ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं गौरक्षा, नर्मदा संरक्षण, मठ-मंदिरों के हितों में काम करना चाहता था, मगर ऐसा करने में असफल रहा. संत समाज का मुझ पर लगातार दबाव रहा, इसी चलते मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं. उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में गायों के लिए क्या करेगी ये बात मायने नहीं रखती। मुख्यमंत्री ये बताएं कि अभी तक उन्होंने गायों के लिए क्या किया।

इसलिए दिया इस्तीफा:उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगा कि शिवराज धर्म के ठीक विपरीत हैं और धर्म का काम कुछ करना ही नहीं चाहते हैं। मैंने गायों की स्थिति और नर्मदा से हो रहा अवैध उत्खनन के बारे में चर्चा की थी। लेकिन मुझे कुछ भी करने के लिए इजाजत नहीं दी गई। मैं संतों के विचार सरकार के सामने नहीं रख सका और इस लिए मैं ऐसी सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहता।

नर्मदा मंत्रालय बनाने की मांग: उन्होंने गो मंत्रालय की तरह नर्मदा मंत्रालय बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी की स्थिति अच्छी नहीं है। इसके लिए एक मंत्रालय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जितना सुख सुविधा गौमाता के लिए चाहिए उतना ही नर्मदा के लिए भी चाहिए।

कम्प्यूटर बाबा ने क्या लिखा इस्तीफे में:कम्प्यूटर बाबा ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने इस्तीफे में लिखा है कि मैं भारी मन से आपसे अनुरोध कर रहा हूं कि मैं संत-पुजारियों के हित में मठ-मंदिर सरंक्षण, गो संरक्षण, नर्मदा संरक्षण के साथ-साथ अनेकों धार्मिक कोर्यों के लिए अथक प्रयास करने के बाबजूद अपनी बात सरकार से मनवाने में नाकाम रहा।
अतेव संतों के भारी दबाव के कारण में अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री कार्यालय प्रेषित कर रहा हूं। तत्काल स्वीकृत करने का कष्ट करें