राहुल गांधी बोले, पीढ़ीगत संघर्ष और अहंकार के चलते हारे 2014 का आम चुनाव

 लंदन 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2014 के आम चुनाव में पार्टी की करारी हार के लिए पीढ़ीगत संघर्ष को जिम्मेदार ठहराया है। राहुल ने लंदन में कहा कि पार्टी में नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संघर्ष और खींचतान के चलते संगठन में बिखराव हुआ। यही नहीं कांग्रेस की पराजय की एक वजह उन्होंने अहंकार को भी बताया। इसके चलते यूपीए-2 के आखिरी सालों में पार्टी बिखरी नजर आई और बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिल गया। लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में छात्रों से बात करते हुए राहुल ने कहा, 'हमारे पास ऐसे सीनियर नेता भी हैं, जो खासे अनुभवी हैं और ऐसे युवा लीडर्स भी हैं, जो अभी विकसित हो रहे हैं।' 

राहुल ने सीनियर नेताओं को लेकर कहा, 'आप पिछले दौर को भुला नहीं सकते क्योंकि सीनियर नेताओं के पास ढेर सारा अनुभव है। इसलिए वर्तमान जो हैं, उसमें भविष्य और इतिहास दोनों ही समाहित हैं। लेकिन, 2014 में कांग्रेस को इसीलिए मात खानी पड़ी क्योंकि आंतरिक संघर्ष था। पार्टी में पुरानी और नई पीढ़ी के बीच सामंजस्य कमजोर था।' 

लंदन में ही एक अन्य कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि 1984 के सिख दंगों में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं थी। यूके स्थित सांसदों और स्थानीय नेताओं को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा था कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि इन भीषण दंगों में कांग्रेस की संलिप्तता थी। 

२०१९ के आम चुनावों के लिए कमर कसते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन अहम समितियों का गठन किया है। शनिवार को कांग्रेस की कोर ग्रुप कोऑर्डिनेशन, मेनिफेस्टो और पब्लिसिटी कमिटी में शामिल सदस्यों के नामों की घोषणा की गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद अभी यूरोप के दौरे पर हैं। वहां पर राहुल गांधी के बयानों को लेकर देश में बीजेपी नाराजगी प्रकट कर रही है।