शिव-राज के हुए 13 साल, चौथी बारी के लिए 13 दिन का इंतजार

भोपाल। मध्यप्रदेश में 15 वीं विधानसभा के लिए मतदान थमते ही मुख्यमंत्री पद पर शिवराज सिंह चौहान के 13 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। अब शिवराज चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं इसका फैसला सुनाने चुनाव परिणाम भी 13 दिन बाद 11 दिसंबर को आएंगे।
तेरह का यह संयोग पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के साथ जुड़ा था, जिन्होंने पहले 13 दिन, फिर 13 महीने की सरकार चलाई थी, लेकिन अटलजी के संसदीय क्षेत्र विदिशा से राजनीतिक क्षितिज पर अपना मुकाम बनाने वाले शिवराज प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हो गए हैं, जिन्होंने कई मिथक तोड़े। शिवराज अकेले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश में लगातार तीन कार्यकाल और 13 साल शासन किया है। चौथी बार-शिवराज के लिए कल हुए मतदान के बाद रिजल्ट भी 13 दिन बाद ही 11 दिसंबर को आएगा। आमतौर पर शिवराज के मुख्यमंत्री बनने के इस दिन पर भाजपा नेताओं में बधाई देने की होड़ लगी रहती थी, लेकिन चुनाव आचार संहिता और प्रचार की थकावट के चलते मुख्यमंत्री ने आज का दिन रिजर्व रखा। बिना कोई शोर-शराबे के मुख्यमंत्री ने अपने 13 साल पूरे होने के दिन को प्रदेश भर से मतदान का फीडबैक लेने, पार्टी के चुनिंदा नेताओं से बातचीत करने और परिवार तक सीमित रखा।
चौथी बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने को लेकर आश्वस्त शिवराज ने इस बार प्रचार को विराम देने के लिए 2013 की परिपाटी को ही अपनाया है। आखिरी दिन उन्होंने निवाड़ी में सभा ली और कोलार में प्रचार को विराम दिया। पांच साल पहले भी शिवराज का रुटीन यही था। इसीतरह चुनाव अभियान की शुरूआत इस बार भी भगवान महाकालेश्वर का आशीर्वाद लेकर उज्जैन से जन आशीर्वाद यात्रा निकाल कर की गई। चौहान ने 2008 में 12 दिसंबर को दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभाला था। शिवराज ने साल 2013 में 14 दिसंबर को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और सूत्रों के अनुसार फिर भाजपा सरकार बनी तो शिवराज सिंह इस बार भी शपथ ग्रहण 14 दिसंबर को कर सकते हैं। बताया जाता है कि इस दिन दोपहर 02.40 बजे का मुहूर्त निकाला गया है।