हाईकोर्ट ने धार विधायक नीना वर्मा का चुनाव शून्य घोषित किया

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में धार सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में नीना वर्मा का निर्वाचन सोमवार को शून्य घोषित कर दिया। इसके साथ ही, वह सूबे के सियासी इतिहास की पहली महिला नेता बन गईं जिनका एक ही सीट से विधायक के रूप में निर्वाचन लगातार दो कार्यकालों में अदालत द्वारा अलग-अलग कारणों से रद्द कर दिया गया हो।

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति आलोक वर्मा ने नीना के चुनावी नामांकन पत्र के साथ पेश हलफनामे में अधूरी खानापूरी और अन्य दस्तावेजी त्रुटियों के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

नीना को अदालत से फौरी राहत मिली
हालांकि, फैसला सुनाए जाने के कुछ देर बाद नीना को अदालत से फौरी राहत मिल गई। उनकी ओर से लोक प्रतिनिधित्व कानून की धारा 116-बी के तहत आवेदन दायर कर एकल पीठ से गुहार की गई कि उनके चुनाव को शून्य घोषित करने के फैसले के अमल पर अंतरिम रोक लगाई जाए, क्योंकि उन्हें इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के लिए मोहलत की दरकार है। अदालत ने यह आवेदन मंजूर करते हुए नीना के चुनाव को शून्य घोषित करने के फैसले के अमल पर 45 दिन के लिए रोक लगा दी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी हैं नीना
नीना, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा की पत्नी हैं। धार के कर सलाहकार सुरेशचंद्र भंडारी ने इस विधानसभा क्षेत्र के मतदाता की हैसियत से नीना के निर्वाचन को लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर कर चुनौती दी थी।