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8000 करोड़ की बेनामी संपत्ति मामले में फंसी मीसा भारती

 

Lalu-Prasadराजद प्रमुख लालू यादव की बेटी मीसा भारती से जुड़े 8000 करोड़ की बेनामी संपत्ति मामले में प्रवर्तन निदेशालय पहले ही सीए राजेश अग्रवाल और मुखौटा कंपनी के मालिक जैन बंधुओं को गिरफ्तार कर चुकी है। इन्हीं लोगों की जानकारी से मीसा के भी इस मामले में जुड़े होने का पता चला। ईडी ने इसका पता चलने पर राज्यसभा सांसद मीसा और उनके इंजीनियर पति शैलेश को समन जारी किया था लेकिन दोनों पेश नहीं हुए। इसके बाद देश में कई जगहों पर छापेमारी की गई। इसके बाद मीसा और शैलेश 21 जून को आयकर विभाग के सामने पेश हुए। मीसा ने ईडी ने करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। ईडी ने जैन बंधुओं वीरेंद्र और सुरेंद्र को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था

जैन बंधुओं द्वारा चलाई जा रही कंपनी में से एक फर्म मिशाइल पार्ट्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड भी है। मीसा और शैलेश कथित तौर पर इस फर्म के निदेशक रह चुके हैं। ईडी के अनुसार, मिशाइल पार्ट्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के 1,20,000 शेयर वर्ष 2007-08 में 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से चार मुखौटा कंपनियों शालिनी होल्डिंग्स लिमिटेड, एड-फिन कैपिटल सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मणि माला दिल्ली प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और डायमंड विनिमय प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदे थे। इन शेयरों को मीसा ने प्रति शेयर 10 रुपये के हिसाब से खरीद लिया। इसकी जानकारी ईडी को सीए राजेश अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद हुई। अग्रवाल ने मिशाइल पार्ट्स एंड पैकर्स लिमिटेड में 60 लाख रुपये की एकोमोडेशन एंट्री (कालेधन से जुड़ी) की थी। मीसा द्वारा शेयर खरीदने से पहले यह फर्म 25 तुगलक रोड पर पंजीकृत थी, जिसका पता वर्ष 2009-10 में बदलकर बिजवासन हो गया। इस मामले में 90 शेल कंपनियां अपनी 559 सहयोगी कंपनियों के साथ संलिप्त हैं जिसमें करीब 11000 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है। ईडी ने इस मामले में मार्च महीने में एंट्री ऑपरेटरों सुरेंद्र कुमार जैन और विरेंद्र कुमार जैन को गिरफ्तार किया था।

 
8000 करोड़ की बेनामी संपत्ति मामले में फंसी मीसा भारती  
 
 

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