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अमेरिका-ईरान तनाव: भारत से निर्यात बंद, गिरी बासमती चावल की कीमतें – Usa iran india export basmati rice price general quasim soleimani trade

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अमेरिका-ईरान तनाव: भारत से निर्यात बंद, गिरी बासमती चावल की कीमतें – Usa iran india export basmati rice price general quasim soleimani trade

  • दो दिन में 150 रुपये प्रति कुंतल गिरीं बासमती कीमतें
  • 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है वार्षिक निर्यात

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से भारत के चावल निर्यातक परेशान हैं. इनका बड़े पैमाने पर चावल ईरान को निर्यात होता है. ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की पिछले सप्ताह शुक्रवार को इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद से दोनों देशों के रिश्ते बहुत खराब दौर में पहुंच गए हैं.

बुधवार को ईरान की ओर से दावा किया गया कि उसने इराक में अमेरिका के दौ सैन्य ठिकानों को मिसाइल हमलों से तबाह कर दिया. ईरान ने 80 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का भी दावा किया लेकिन इराक और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इससे इनकार किया गया है. चावल निर्यातकों (जिनमें से ज्यादातर का संबंध हरियाणा से है) ने ईरान को चावल की खेप भेजना बंद कर दिया है.

गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर सैकड़ों कंटेनर्स को ईरान जाने से रोक दिया गया है. कैथल स्थित चावल निर्यातक नरेंद्र मिगलानी ने इंडिया टुडे को बताया कि अधिकतर निर्यातकों ने इस सीजन के लिए चावल की पहली खेप भेजने की प्रक्रिया शुरू की थी जिसे अब रोक दिया गया है.

मिगलानी ने बताया, ‘मैंने मुंद्रा बंदरगाह के लिए 100 कंटेनर्स भेजे थे जिन्हें ईरान के बंदर- अब्बास और चाबहार बंदरगाहों के लिए रवाना किया जाना था. हमने और आगे खेप भेजना बंद कर दिया है. जब तक स्थिति सुधर नहीं जाती यही स्थिति रहेगी. हमने चावल की पैकिंग बंद कर दी है.’  

मिगलानी ने कहा, ‘चावल का निर्यात आम तौर पर हर साल जनवरी के पहले हफ्ते से शुरू होता है और जून तक जारी रहता है. ये छह महीने का चक्र है. भारत 32,800 करोड़ रुपए का बासमती चावल निर्यात करता है जिसमें अकेले ईरान ही 10,800 करोड़ रुपए का चावल मंगाता है.’

मिगलानी के मुताबिक ईरान ने करेंसी का मुद्दा बताते हुए चावल का भुगतान करना रोक दिया है. हमें 80 फीसदी  भुगतान ही मिला है. 20 फीसदी भुगतान अब भी रुका हुआ है जो कि करीब 500 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि हालांकि हमने बायर्स पर भरोसा करते हुए ईरान को इस साल भी चावल की खेप भेजनी शुरू कर दी थी.

चावल निर्यातकों को अब डर है कि अमेरिका-ईरान संकट से चावल की बिक्री पर बुरा असर पड़ सकता है. बासमती चावल की किस्म ‘पूसा 1121’ के दामों में दो दिन में ही 150 रुपये प्रति कुंतल की कमी आई है. इस किस्म की कीमतें 3050 रुपये प्रति कुंतल से गिरकर 2900 रुपये प्रति कुंतल पर आ गई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चावल की कीमतों पर असर पड़ा है. मिगलानी के मुताबिक पूसा 1121 की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5500 रुपये प्रति कुंतल से गिर कर 5200 रुपये प्रति कुंतल पर आ गई है. भारतीय निर्यातकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तल्खी कम नहीं हुई तो भारत के किसानों और निर्यातकों को इसके खराब परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

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