India US News in Hindi: पहली बार अमेरिकी संसद में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी कल्पना ट्रंप तो क्या किसी भी अमेरिकी ने नहीं की थी. दरअसल, अमेरिका की एक सांसद ने दो लीडर्स की तस्वीर वाला एक पोस्टर अमेरिका की संसद में लहराया. हैरानी की बात ये है कि उन दोनों लीडर्स का ताल्लुक अमेरिका से नहीं था.
अमेरिकी सांसद ने जिस पोस्टर को दिखाया. उसमें एक तरफ PM मोदी थे तो दूसरी तरफ रूसी प्रेसिडेंट पुतिन. ये दोनों सुपरलीडर्स एक कार में सवार थे. अब सवाल ये है कि आखिर अमेरिकी सांसद नें मोदी-पुतिन की तस्वीर वाला पोस्टर संसद में क्यों लहराया? कैसे इस पोस्टर के जरिए ट्रंप नीति पर सवाल उठाया.
अमेरिकी इतिहास में पहली बार हुआ ये काम
अमेरिकी इतिहास में पहली बार संसद के अंदर किन्हीं गैर-अमेरिकी नेताओं के पोस्टर दिखाएं गए. ना सिर्फ पोस्टर को दिखाया गया बल्कि उस पोस्टर पर गंभीर चर्चा हुई. उस पोस्टर के जरिए प्रेसिडेंट ट्रंप और उनकी सरकार पर सवाल उठाए गए. आरोप लगाए गए और वो भी बेहद तल्ख अंदाज में.
यह पोस्टर अमेरिकी डेमोक्रेट सांसद सिडनी कैमलेगर-डव ने लहराया. उन्होंने अमेरिका की संसद में चर्चा के दौरान मोदी-पुतिन की तस्वीर वाला एक पोस्टर दिखाया. इस पोस्टर में जो तस्वीर दिखाई दे रही थी. वो एक कार के अंदर की थी. जिसमें PM मोदी और रूसी प्रेसिडेंट पुतिन एकसाथ बैठे नजर आ रहे थे.
ऐसे में ये सवाल आपके जेहन में भी उठ रहा होगा कि आखिर अमेरिकी सांसद ने मोदी-पुतिन की तस्वीर वाला पोस्टर क्यों दिखाया? मोदी-पुतिन की कार वाली तस्वीर को US के लिए खतरा क्यों बताया? कैसे मोदी-पुतिन की इस यारी के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया?
लहराया गया पुतिन-मोदी का पोस्टर
अमेरिकी सांसद सिडनी कैमलेगर-डव ने मोदी-पुतिन की तस्वीर वाला जो पोस्टर अमेरिकी संसद में लहराया. वह तस्वीर तब ली गई थी. जब रूसी प्रेसिडेंट पुतिन दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीधे मोदी के साथ सफेद रंग की बख्तरबंद कार में सवार हुए थे.
लिहाजा पालम एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री आवास जाने के दौरान ये तस्वीर कैप्चर की गई. खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इस तस्वीर को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर सबसे पहले पोस्ट किया. ये कोई पहला मौका नहीं था…जब PM मोदी और पुतिन कार में एक साथ बैठे…ये कोई पहली बार नहीं था…जब दोनों नेताओं ने कार में एकसाथ बैठकर तस्वीर खिंचवाई.
करीब 4 महीने पहले, SCO समिट के दौरान भी मोदी-पुतिन की जोड़ी इसी तरह कार में सवार हुई थी. कुछ ऐसी ही तस्वीरें उस दौरान भी दुनिया के सामने आई थीं. बता दें कि SCO समिट के दौरान पुतिन की कार में PM मोदी का बैठना किसी प्लानिंग का हिस्सा नहीं बल्कि पुतिन का अचानक लिया हुआ फैसला था.
पूरी तरह ठनक गया ट्रंप का माथा
खैर, उस दौरान कार में एक साथ बैठे मोदी-पुतिन की तस्वीर ने दुनिया को हिला दिया था…मगर 4 दिसंबर को जैसे ही पुतिन ने भारत की सरजमीं पर कदम रखा और PM मोदी के साथ कार में सवार होकर निकले. इसके बाद सामने आई कार के अंदर की तस्वीर ने वाशिंगटन समेत पूरे अमेरिका में हड़कंप मचा दिया. इसने ट्रंप का माथा ठनका दिया.
यानी आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 7 दिन पहले प्रेसिडेंट पुतिन का भारत दौरा. इस ऐतिहासिक दौरे पर मोदी-पुतिन का याराना ने अमेरिका सरकार हो या विपक्ष हर किसी की नींद उड़ा दी. आज भी पुतिन-मोदी के जिगरी अंदाज को देख अमेरिकी खौफ में है. शायद यहीं वजह है कि ना सिर्फ पुतिन का भारत दौरा अमेरिका में भी चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके साथ-साथ दोनों नेताओं की दोस्ती से ट्रंप की विदेश नीति की भी आलोचना की जा रही है.
दरअसल, अब अमेरिकियों को भी ये समझ आ चुका है कि ट्रंप ने भारत को दबाव में लाने के लिए जो टैरिफ का दांव खेला. अब वहीं दबाव ट्रंप और अमेरिका के लिए गले की हड्डी बन चुका है. जिसका सबूत है अमेरिकी संसद में मोदी-पुतिन की तस्वीर वाला ये पोस्टर. क्योंकि मोदी-पुतिन ने अपनी द्विपक्षीय़ वार्ता में ऐसे समझौतों पर भी मुहर लगायी. जिन्होंने एक झटके में ही ट्रंप के टैरिफ दांव की धज्जियां उड़ा दी.
रूस-भारत की दोस्ती से डरा यूएस
इतना ही नहीं, पहले भारत को अमेरिका अपना THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम देना चाहता था…लेकिन ये डील भी अब ठंडे बस्ते में जा चुकी है. अब तो हिंदुस्तान, पुतिन के S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर मुहर लगाने की तैयारी में जुटता नजर आ रहा है.
बता दें कि जहां एकतरफ ट्रंप ने भारतीयों की अमेरिका में एंट्री पर सख्ती बरती. वीजा पर तमाम तरह की पांबदी लगाईयां. वहीं रूसी प्रेसिडेंट पुतिन ने इस दौरे पर भारतीय कामगारों को रूस आने का खुला न्योता दिया. ट्रंप ने भारत को रूस से तेल ना खरीदने की हिदायत दी…और इसके लिए ट्रंप ने भारत पर करीब 50% टैरिफ भी लगाया…मगर इससे ठीक उलट रूस ने बिना किसी रूकावट के भारत को फ्यूल की सप्लाई का वादा किया.
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