
की और से गुजरात में घुसी थीं. जो अब महेसाणा के सतलासणा तक पहुंच चुकी
हैं. टिड्डियों के
आक्रमण की वजह से कपास, गेंहूं, वरियाली, समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है.
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की और से गुजरात में घुसी थीं. जो अब महेसाणा के सतलासणा तक पहुंच चुकी
हैं. टिड्डियों के
आक्रमण की वजह से कपास, गेंहूं, वरियाली, समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है.
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