छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (फाइल फोटो)
वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य के अस्तित्व में आने के बाद पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले अजीत जोगी (Ajit Jogi) को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
इंजीनियर, शिक्षक, कलक्टर और आदिवासी नेता
बिलासपुर के पेंड्रा रोड में जन्मे अजीत जोगी शुरू से ही राजनीति में रहे हों, ऐसा नहीं है. विनोद वर्मा ने अपनी किताब ‘गढ़ छत्तीस’ में अजीत जोगी का परिचय विस्तार से दिया है. इसके मुताबिक जोगी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की. इसके बाद कुछ दिन तक रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षक भी रहे. फिर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS ज्वाइन की. इस सेवा में रहते हुए उन्होंने इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सीधी, शहडोल और रायुपर के कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दीं. इन शहरों के प्रशासनिक मुखिया के तौर पर अजीत जोगी ने खूब राजनीतिक अनुभव हासिल किया. वे दूरदर्शी थे ही, पढ़ने-लिखने में भी रुचि थी. ऐसे में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की नजर उन पर पड़ी और जोगी इस दिग्गज कांग्रेस के करीब आ गए.
राजीव गांधी से मुलाकातपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, राजनीति में आने से पहले इंडियन एयरलाइंस के पायलट हुआ करते थे. विनोद वर्मा अपनी किताब में लिखते हैं, ‘एक बार राजीव गांधी विमान लेकर रायपुर आए तो एयरपोर्ट पर उनकी आवभगत शहर के तत्कालीन जिलाधीश अजीत जोगी ने की. जिसका प्रतिफल उन्हें बाद में चलकर हासिल हुआ.’ जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय अजीत जोगी इंदौर के कलेक्टर थे. इसी समय अर्जुन सिंह की सिफारिश और राजीव गांधी के कहने पर जोगी ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा पहुंच गए. इसमें छत्तीसगढ़ के चर्चित नेता विद्याचरण शुक्ल और माधवराव सिंधिया ने भी उनकी मदद की.
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री
कांग्रेस में रहते हुए जोगी ने धीरे-धीरे ऊंचाइयां तय की. 1986 से 1998 तक राज्यसभा में बिताने के बाद 1998 में ही वे रायगढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत गए. लेकिन 13 महीने में केंद्र की सरकार गिर गई और जोगी ने 1999 में शहडोल से चुनावी लड़ाई का मन बनाया. लेकिन इस चुनाव में वे हार गए. इसी दौरान कांग्रेस ने उन्हें छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए पार्टी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया. इसी दौरान छत्तीसगढ़ राज्य बनने की मुहिम शुरू हो गई और कांग्रेस में दिग्वजिय खेमे ने राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री की वकालत की. शुक्ल-बंधुओं से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की दूरी का फायदा, अजीत जोगी को मिला और वे छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बन गए.
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First published: May 9, 2020, 5:28 PM IST

