अम्फान तूफान की रफ्तार से रेलवे को खतरा, हावड़ा में लोहे की चेन से बांधे गए कोच – Howrah train tied to chains because of cyclone super cyclonic storm amphan westbengal

  • पश्चिम बंगाल में मंडरा रहा सुपर साइक्लोन अम्फान का खतरा
  • पश्चिम बंगाल में 19 तो ओडिशा में NDRF की 15 टीमें तैनात

सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ के आज पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने की आशंका जताई जा रही है. 185 से 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफान से सबसे बड़ा खतरा रेल सेवाओं को है. हावड़ा में रेल कोचों को चेन से बांधा गया है जिससे तूफानी हवाओं से रेल कोचों को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके.

रेलवे की ओर से हावड़ा के शालीमार साइडिंग में खड़ी रेल के कोच को चेन और ताले से बांधने का इंतजाम किया गया है. पूरे देश में कोरोना संकट के चलते भले ही रेल सेवाएं ठप पड़ी हों, लेकिन जो भी इस दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, उन्हें भी सुरक्षा के मद्देनजर बंद करने की जानकारी दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से दी गई है.

जो ट्रेनें रेलवे ट्रैक पर खाली खड़ी हैं, उन्हें लोहे की मोटी-मोटी चेन स्किट से बांधा गया है और ताला लगाया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है कि चक्रवाती तूफान में तेज हवा की वजह से ट्रेनें कहीं पटरी पर बिना इंजन के सरपट न दौड़ जाएं. अगर इंजन के बगैर एक बार दौड़ गई तो दुर्घटना घट सकती है फिर इसे काबू में करना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है. यही कारण है कि ट्रेन को लोहे की चेन और ताले से बांध कर रखा जाता है.

Cyclone Amphan Live Tracking: ताकतवर हो रहा चक्रवात अम्फान, हाई अलर्ट

अम्फान तूफान का बढ़ा खतरा

155 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी रफ्तार

तूफान के दौरान 155 से 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान है. भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस दौरान बंगाल के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में चार-पांच मीटर ऊंची लहरें उठेंगी.

ये भी पढ़ें- अम्फान ने पकड़ी रफ्तार, बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश

NDRF की 19 टीमें पश्चिम बंगाल में तैनात

अम्फान तूफान से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 19 टीमें पश्चिम बंगाल में तो 15 टीमें ओडिशा में तैनात की गई हैं. 6 टीमों को इस तरह से तैयार रखा गया है, कि जब भी जरूरत पड़े, उन्हें एयरलिफ्ट करके पहुंचा दिया जाए. चक्रवाती तूफान प्रभावित इलाकों में भारी तबाही मचा सकता है.

ट्रेन को बांधने जाते कर्मचारी

ओडिशा में लगाई जा रहीं रेत से भरी बोरियां

चक्रवाती तूफान अम्फान की दहशत इतनी है कि हावड़ा कॉरपोरेशन ने 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम चालू रखा है, जिससे लोगों तक किसी भी तरह की असुविधा होने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके. ओडिशा के तटीय इलाकों में रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं जिससे समुद्री लहरों को बस्तियों तक आने से रोका जा सके. जगतसिंहपुर में तटीय इलाकों से बस्तियां खाली करा ली गई हैं. लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया जा रहा है.

(हावड़ा से बैद्यनाथ झा की रिपोर्ट.)

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here