आत्मनिर्भर रोडमैप की प्रमुख रणनीतियाँ


आत्मनिर्भर रोडमैप की प्रमुख रणनीतियाँ


 


भोपाल : गुरूवार, नवम्बर 12, 2020, 18:55 IST

1.  भौतिक अधोसंरचना

  • रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना।

  • 24 प्रमुख सड़कों का नवीनीकरण।

  • 200 राज्य सड़कों का वैज्ञानिक यातायात सर्वेक्षण।

  • बफर में सफर मुहिम के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा।

  • पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले सेवा प्रदाताओं का कौशल संवर्धन।

  • घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना।

  • समावेशी शहरी विकास सुनिश्चित करना।

  • पर्यावरण के अनुकूल सतत विकास सुनिश्चित करना।

  • कानूनी और राजकोषीय सुधारों के माध्यम से नगरीय शासन में सुधार।

  • नगरीय सेवाओं की डिलीवरी में सुधार।

  • 100 प्रतिशत घरेलू कार्यशील नल कनेक्शन।

  • 60 सिंचाई परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया।

  • ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर का निर्माण।

  • सामग्री एवं उपकरणों की खरीदी में लोकल निर्मित सामग्री को प्राथमिकता।

  • रूफटॉप सौर ऊर्जा परियोजनाओं का कार्यान्वयन।

  • मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना।

  • इंदौर एयरपोर्ट पर पेरिशेबल गुड्स के लिये एयर-कार्गो हब की स्थापना।

2. सुशासन

  • सेवा प्रदाय के लिये एकल पोर्टल।

  • कनेक्टिविटी के बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण और आईटी कौशल का विकास।

  • इमर्जिंग प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिये उत्कृष्टता केन्द्र।

  • पारदर्शिता के साथ जवाबदेह एवं जिम्मेदार प्रशासन।

  • नागरिकों के लिये Ease of Living।

3. स्वास्थ्य एवं शिक्षा

  • व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिये 10 हजार SHCs और 1200 PHCs को हेल्थ वेलनेस केन्द्रों में परिवर्तित करना।

  • 1600 अत्याधुनिक प्रसव केन्द्रों की स्थापना और प्रत्येक CHC पर विशेष नवजात इकाई की स्थापना।

  • आरसीएच पोर्टल के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत कव्हरेज सुनिश्चित करना।

  • 5 वर्ष से कम उम्र के 55 लाख बच्चों को शत-प्रतिशत टीकाकरण।

  • प्रत्येक जिला अस्पताल में कार्यात्मक आईसीयू वार्ड, एचडीयू वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, डायग्नोस्टिक सुविधाएँ और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराना।

  • 1200 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं 10 हजार उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर टेली मेडिसिन और अन्य आईसीटी उपकरणों का उपयोग करना।

  • जिला अस्पतालों में इमेजिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराना।

  • सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण।

  • राज्य-स्तरीय अनुसंधान संगठन की स्थापना।

  • उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुँच बढ़ाने के लिये 150 नये ओपन डिस्टेंस लर्निंग केन्द्र खोलना।

  • चिन्हित किये गये 150 कॉलेजों को क्वालिटी लर्निंग सेन्टर में परिवर्तित करना।

  • 10 हजार संसाधन संपन्न स्कूलों की स्थापना।

  • विज्ञान प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करना।

  • ज्ञान के आदान-प्रदान के लिये प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी।

  • हब और स्पोक मॉडल पर इंजीनियरिंग तथा जिला स्तर के आईटीआई में कैरियर तथा प्लेसमेंट सेल की स्थापना करना।

  • 200 कॉलेजों में प्लेसमेंट और उद्यमिता सेल की स्थापना।

  • आईटीआई में मौजूद लोकप्रिय ट्रेडों को उद्योग की मांग से जोड़ना।

  • ग्लोबल स्किल पार्क और 10 मेगा आईटीआई के लिये उद्योगों के साथ भागीदारी।

4.अर्थव्यवस्था और रोजगार


संतोष मिश्रा


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