एलोपैथी न हौम्योपैथी सबसे कारगर सिम्पैथी : मंत्री डॉ. मिश्रा


एलोपैथी न हौम्योपैथी सबसे कारगर सिम्पैथी : मंत्री डॉ. मिश्रा


कोरोना पर विजय पाने वाले समाज के लिये मिसाल और मार्गदर्शक बनेंगे
चिरायु से 108 मरीज डिस्चार्ज हुए, अब तक कुल एक हजार मरीज हुए स्वस्थ
 


भोपाल : सोमवार, जून 1, 2020, 13:24 IST

चिरायु अस्पताल में कोरोना संक्रमित 108 मरीजों के स्वस्थ होने और घर रवानगी पर अपनी शुभकामनाएँ देते हुए गृह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपेक्षा जताई कि वे सभी समाज के लिये मिसाल बनेंगे। कोरोना को हराने में वे मार्गदर्शन करेंगे। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि न एलोपैथी न हौम्योपैथी सबसे अधिक कारगर है सिम्पैथी। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। आवश्यकता है सावधानी रखने की और कोरोना चक्र को तोड़ने की। उन्होंने चिरायु अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ सहित सभी कोरोना योद्धाओं की सराहना की। मंत्री डॉ. मिश्रा ने प्रसन्नता व्यक्त की कि चिरायु अस्पताल एक हजार से अधिक मरीजों को स्वस्थ कर सकुशल घर भेजने वाला देश का प्रथम अस्पताल बन गया है।

मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि कोरोना असाध्य बीमारी नहीं है। हम सावधानी रखकर इसे आसानी से हरा सकते हैं। हमें कोरोना के मरीजों के उपचार के साथ ध्यान देने, उन्हें आराम देने और प्यार देने की जरूरत है। सबसे सरल और आसान उपाय अपनापन और प्यार के साथ बीमारी का उपचार करना है। कोरोना स्वयं कोई मारक रोग नहीं है। यह घातक तब हो जाता है, जब मरीज किसी अन्य बीमारी से भी ग्रसित हो। उन्होंने कोरोना पीड़ितों से अपने आत्मबल को मजबूत बनाने की अपील की, जिससे कोरोना को आसानी से हराया जा सके। मंत्री डॉ. मिश्रा ने चिरायु अस्पताल के सीएमडी डॉ. अजय गोयनका की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में ऐसा कोई अस्पताल नहीं है जहाँ इतनी अधिक संख्या में मरीजों के भर्ती होने के बाद एक प्रतिशत से भी कम की मृत्यु दर दर्ज की गई हो। उन्होंने कहा कि यह डॉ. गोयनका और उनकी टीम के निरंतर अथक परिश्रम का प्रतिफल है।

भारतीय संस्कृति से टूटेगा कोरोना का चक्र

मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्वयं खाना प्रकृति है, छीनकर खाना विकृति है, भूखे रहकर दूसरों को खिलाना हमारी संस्कृति है। कोरोना संक्रमण के दौरान जिस प्रकार से लोगों ने अपनी सेवाएँ दी हैं वह अकल्पनीय है। सभी ने हर स्तर पर हर संभव मदद की है। भारतीय संस्कृति से ही हम कोरोना को हराने में सफल हुए हैं। तुलसी की चाय हो या काली मिर्च का काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कारगर उपाय है। कोरोना का प्रभाव अब-तक गाँवों में असर नहीं दिखा पाया है। कोरोना का असर शहरी क्षेत्रों में ही दिखाई दिया है। यह सब भारतीय संस्कृति का प्रभाव है। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि सावधानियाँ नहीं बरतने पर कोराना का असर हुआ है। गाँव में सावधानियाँ बरती जा रही हैं और कोरोना बेअसर हो रहा है।

स्वस्थ लोगों ने बेहतर इलाज के लिये अस्पताल और सरकार का आभार माना

श्री धनराज खंडेलवाल ने कोविड-19 से पीड़ित होने के बाद मध्यप्रदेश सरकार और चिरायु अस्पताल द्वारा उपचार के लिये की गई बेहतर व्यवस्थाओं के लिये आभार व्यक्त किया। श्रीमती रानी समतानी ने कहा कि वे जिन्दगी की जंग जीतने आई थीं और आज सरकार और डॉक्टरों की मदद से जंग जीतकर जा रही है। डॉ. नीतू सिंह ने भी अपने पिताजी के स्वस्थ होने पर धन्यवाद दिया।


अलूने


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