निवाड़ी जिले के धार्मिक और पर्यटन नगरी ओरछा में शुक्रवार दोपहर एक मकान में हुए गैस सिलेंडर विस्फोट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। स्टेशन मोहल्ले के वार्ड नंबर एक में हुए इस हादसे में करीब दो दर्जन लोगों के झुलसने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। निवाड़ी जिले के ओरछा में शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे एक बड़ा हादसा हो गया। थाना ओरछा क्षेत्र के वार्ड नंबर एक स्थित स्टेशन मोहल्ले में एक मकान में रखे गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। धमाके के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
हादसे में मकान में मौजूद कई लोग झुलस गए। जानकारी के मुताबिक, मकान खालिद अहमद का है, जो कबाड़ का काम करते हैं। घटना की सूचना डायल 112 को मिली थी। सूचना मिलते ही एफआरवी का पुलिस बल और थाना ओरछा की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने राहत और बचाव कार्य करते हुए घायलों को मकान से बाहर निकाला और डायल 112 की मदद से यथार्थ अस्पताल पहुंचाया, जहां सभी का प्राथमिक उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सीएनजी सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ था, जिसके चलते आग और विस्फोट की घटना हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े और पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने पहले घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद दोनों अधिकारी यथार्थ अस्पताल पहुंचे और भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली।
दो दर्जन लोग झूलसे, बच्चे भी शामिल प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में करीब दो दर्जन लोगों के झुलसने की सूचना है। इनमें से तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि बाकी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है। घायलों में खलील पिता अब्दुल हमीद, उम्र 60 वर्ष, समीर पिता खलील, उम्र 30 वर्ष, गोपी उर्फ अनीश पिता खलील, उम्र 37 वर्ष, खलील के दामाद एजाज, मैया उर्फ रूबी, शहनाज, नीलोफर, आठ वर्षीय माहिरा, पांच वर्षीय अन्नाह, नौ वर्षीय हलीम, आठ वर्षीय अब्बू हैदर और जूली सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
इनमें खलील, समीर और माहिरा को ज्यादा झुलसा हुआ बताया जा रहा है। अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस हादसे ने एक बार फिर गैस सिलेंडरों के सुरक्षित रखरखाव और गैस रिसाव को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। घायलों के बेहतर उपचार के लिए अधिकारियों ने अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।


