केरल में कोरोना के 13 नए मामले, विदेशों में 18 मलयाली लोगों की मौत – 18 malayalees have died in various parts of the world due to covid19 13 new cases reported

  • कासरगोड़ में कुल मामलों में 6 लोग विदेश से लौटे
  • केरल में अभी तक 327 मामले सामने आ चुके हैं

केरल में कोरोना वायरस के 13 नए मामले सामने आए हैं. 9 कासरगोड़, 2 मलाप्पुरम और 1 मरीज कोल्लम पथनमथिट्टा में मिले हैं. कासरगोड़ में मिले कुल मामलों में 6 लोग विदेश से लौटे हैं, जबकि 3 का संक्रमण आपसी है. कोल्लम और मलाप्पुरम में मिले मरीज दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित जमात के मरकज से लौटे हैं. पथनमथिट्टा का मरीज किसी विदेशी के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ है. अलग-अलग देशों में 18 मलयाली लोगों की मौत की खबर है. अमेरिका में सोमवार को 4 लोगों की मौत की खबर आई.

अभी तक केरल में 327 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें 266 सक्रिय केस हैं. अब तक 10716 सैंपल के टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें 9607 नेगेटिव पाए गए हैं. कोल्लम, त्रिचूर और कन्नूर में सोमवार को एक-एक शख्स नेगेटिव पाया गया.दूसरी ओर कासरगोड़ मेडिकल कॉलेज को कोविड-19 हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया है. प्रशासन को यह काम पूरा करने में 4 दिन लगे. इस हॉस्पिटल में फिलहाल 200 बेड और 10 आईसीयू की सुविधा है. आने वाले दिनों में और 100 बेड और 10 आईसीयू की संख्या बढ़ाई जाएगी.

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केरल में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकार ने तीन स्तर की योजना बनाई है. प्रदेश के अलग-अलग हॉस्पिटल में 10 हजार आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं. सरकार ने बैकअप के लिए 17 हजार बेड बनाने की तैयारी की है. इसके अलावा अलग से कोविड-19 हॉस्पिटल बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है. प्रदेश में जल्द जांच के लिए क्या प्रोटोकॉल होना चाहिए, इसके लिए क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी बनाई गई है, जो अपने सुझाव देगी. लॉकडाउन में लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को मजबूत किया है, जिससे 85 फीसदी लोगों को फायदा पहुंचा है.

केरल में विदेश से लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी है. इस कारण केरल से बाहर रहने वाले लोगों पर काफी असर पड़ा है. बात चाहे देश की हो या विदेश की, सब जगह केरल के लोग फंसे हैं और वे घर वापसी चाहते हैं. लेकिन लॉकडाउन के कारण सख्त पाबंदी लगी है. सरकार चाह कर भी कुछ नहीं कर सकती.

सोमवार को सरकार ने इस मुद्दे पर विचार किया कि लॉकडाउन हटने के बाद जहां-तहां फंसे केरल के लोगों की वापसी के लिए क्या प्रोटोकॉल होने चाहिए. वापसी पर लोगों की जांच भी कराई जाएगी, इसलिए उचित प्रोटोकॉल अपनाने पर विचार चल रहा है. उधर कर्नाटक ने केरल से आने वाले एंबुलेंस को अपनी सीमा में घुसने की इजाजत दी है ताकि मरीजों को सुविधा मिल सके.

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