कोरोना: रेलवे ने 4 राज्यों को दिए 204 कोच, दिल्ली में 54 तैनात – Corona virus railways deploys 204 coaches in 4 states bed availability

  • कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेल कोचों में बनाए जा रहे बेड
  • दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर 54 कोच पहले से ही तैनात
  • रेलवे के 204 कोचों में से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश ने लिए कोच

कोरोना के लगातार बढ़ते मामले के बीच रेलवे ने 4 राज्यों में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 204 कोचों की तैनाती की है. साथ ही अगर जरूरत पड़ी तो रेलवे बिस्तर की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 5000 कोचों को अपने खर्च पर तैयार करेगा.

रेलवे द्वारा अस्पतालों पर बोझ कम करने के लिए रेलवे के सैकड़ों कोचों को आइसोलेशन शेल्टर के रूप में बनाए जाने के महीनों बाद, राज्यों ने आखिरकार इस सुविधा का लाभ उठाना शुरू कर दिया है. जबकि 4 राज्यों द्वारा उपयोग के लिए 204 कोच पहले ही भेजे जा चुके हैं. रेलवे कम समय में करीब 5,000 कोच देने के लिए तैयार है.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

बेड की कमी दूर करने की कोशिश में रेलवे

अब दिल्ली में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के केस पर चिंता जताए जाने के बाद, भविष्य में बढ़ते मामले और बेड की कमी को देखते हुए रेलवे पहले ही राष्ट्रीय राजधानी में 54 कोचों की तैनाती कर चुका है.

इस बीच अपनी तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा 70 रेल कोचों को तैनात किया है. जबकि तेलंगाना में 60 पहले से ही चालू हैं. आंध्र प्रदेश में 20 कोच तैनात किए गए हैं.

1_061520114411.png

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना से जुड़े मामलों में राज्य और जिला स्तर पर बेड की उपलब्धता का जायजा लेने के लिए गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री समेत कई शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की थी. गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में स्थिति को संभालने के लिए एक के बाद एक 2 बैठकें की जिसमें यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली में बेड की उपलब्धता बढ़ाने को लेकर रेलवे 500 कोचों की तैनाती करेगा.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें…

रेलवे के सूत्रों ने बताया कि 54 रेल कोचों को पहले ही शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर तैनात किया जा चुका है और दिल्ली के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 500 हो जाएगा.

एक कोच के निर्माण पर 67 हजार खर्चा

रेलवे इस रूपांतरण का खर्च खुद वहन करेगा. यदि 5000 कोचों को तैनात किया जाता है, तो रेलवे को 5000 कोचों को बदलने के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. प्रत्येक कोच को परिवर्तित करने की लागत 67,000 रुपये तक होती है और कुल 5000 कोचों को तैयार किया जा सकता है.

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लागत का 50 फीसदी श्रम है जो रेलवे के पास वर्तमान में अधिक है. उपयोग की जाने वाली बाकी सामग्री का इस्तेमाल फिर से किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें — कोरोना: दिल्ली के लिए 500 रेलवे कोच देगी केंद्र सरकार, होगा बेड का इंतेजाम

रेलवे ने लॉकडाउन के पहले चरण में 5,000 कोच बदलने की पेशकश की थी. इसके लिए रेलवे ने सभी जोनल प्रमुखों को परिवर्तित कोचों को राज्य सरकार के लिए जारी करने का अधिकार दे दिया था, लेकिन करीब 90 दिनों तक कोई भी राज्य आगे नहीं आया. फिर रेलवे को इन परिवर्तित कोचों को देशभर में फंसे प्रवासी लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में इस्तेमाल करना पड़ा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here