- ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय डॉक्टरों को मिली राहत
- कोरोना वायरस की वजह से डॉक्टरों को मिला वीजा विस्तार
पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस के प्रकोप से लड़ रही है लेकिन इसी बीच विदेश में काम करने वाले भारतीय डॉक्टरों के लिए अच्छी खबर आई है.
ब्रिटेन सरकार ने भारत सहित विदेशी डॉक्टरों को बड़ी राहत दी है. जिन डॉक्टरों का वीजा इस साल अक्टूबर में समाप्त होने वाला था, उसे वहां की सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए एक साल तक के लिए बढ़ा दिया है.
ब्रिटेन की सरकार ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की. वहां की सरकार ने साफ कर दिया कि भारत सहित विदेशी डॉक्टर, जिनका वीजा इस साल अक्टूबर से पहले समाप्त हो रहा था उन्हें देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के तहत कोरोना वायरस जैसी महामारी से लड़ने के लिए एक साल के लिए विस्तार मिलेगा.
इस फैसले की जानकारी यूके के गृह सचिव प्रीत पटेल ने दी. एनएचएस द्वारा लगभग 2,800 प्रवासी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स नियोजित हैं जिन पर यह वीजा विस्तार लागू होगा. इन सभी का वीजा 1 अक्टूबर से पहले समाप्त होने वाला था.
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पटेल ने कहा, “डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स दुनिया भर में कोरोनो वायरस से निपटने और जीवन बचाने के लिए एनएचएस के प्रयासों में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं. हम उन सभी के लिए बहुत आभारी हैं जो वे करते हैं,”
भारतीय मूल के मंत्री ने कहा, “मैं उन्हें वीजा प्रक्रिया से विचलित नहीं करना चाहता. इसीलिए मैंने स्वत: ही उनका वीजा बढ़ा दिया है. गृह कार्यालय ने कहा कि नि: शुल्क विस्तार उनके परिवार के सदस्यों पर भी लागू होगा, जो दर्शाता है कि विदेशी एनएचएस कर्मचारी यूके में कितने मूल्यवान हैं.
कोरोना जैसे जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए अधिक संख्या में डॉक्टरों और नर्सों को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए छात्र, नर्सों और डॉक्टरों के काम करने की संख्या पर लगे प्रतिबंध को भी एनएचएस ने हटा दिया है.
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बता दें कि कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में अब तक 9 लाख के आसपास लोग संक्रमित हो चुके हैं और 42 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

