- दिल्ली सरकार ने रिवाइज्ड कोविड रिस्पांस प्लान जारी किया
- अलग-अलग श्रेणी के लिए एसओपी जारी की गई
दिल्ली सरकार ने कोरोना के सर्विलांस और रिस्पांस को और मजबूत करने के लिए रिवाइज्ड कोविड रिस्पांस प्लान जारी किया है. प्लान में स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के तहत ड्राइवर, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, डोमेस्टिक हेल्प, मैकेनिक, ज़रूरी सामान की डिलीवरी वाले लोग आदि की स्क्रीनिंग और सर्विलांस से जुड़े निर्देश दिये गए हैं. इसके साथ ही आइसोलेटेड मामले वाले इलाकों और हाई रिस्क ग्रुप के सर्विलांस के आदेश जारी किए गए हैं.
प्लान के मुताबिक अलग-अलग श्रेणी के लिए एसओपी जारी की गई है.
आइसोलेटेड मामले वाले इलाके-
डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस यूनिट (DSU) ऐसे सभी इलाकों की विस्तृत जानकारी इकठ्ठा करेगी जहां आइसोलेटेड मामले सामने आ रहे हैं. इसके लिए डेली क्लस्टर रिपोर्ट, लाइन लिस्ट और ज्योग्राफिकल मैपिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है.
प्रभावित इलाकों में सख्त सर्विलांस के लिए इन घटकों का इस्तेमाल किया जा सकता है-
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– ज्यादा और प्रभावी कांटेक्ट ट्रेसिंग, जिसे 72 घंटे में पूरा किया जाए.
– एसेस कोरोना ऐप के जरिए SARI/ILI केस का हाउस टू हाउस सर्वे.
– चिन्हित इलाकों में हाई रिस्क ग्रुप और स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के तहत आने वाले लोगों की लिस्टिंग.
– पिछले 15 दिनों में पॉजिटिव मामलों के सम्पर्क में आने वाले सभी प्राइमरी कॉन्टैक्ट का सख़्त क्वारनटीन.
– हाई रिस्क ग्रुप- 60 साल से अधिक आयुवर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग.
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– हाई रिस्क ग्रुप लिस्टिंग के तहत आने वाले लोग और उनके सीधे संपर्क वाले लोगों की स्क्रीनिंग और मेडिकल रिकॉर्ड मेंटेन किए जाएंगे.
– हाई रिस्क ग्रुप के डायरेक्ट कांटेक्ट अगर कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं तो फौरन उनके आइसोलेशन की व्यवस्था की जायेगी.
– हालांकि हाई रिस्क ग्रुप को हेल्थ इंस्टीट्यूशन ना विजिट करने की सलाह दी जाती है. लेकिन अगर वो दिल्ली सरकार की किसी डिस्पेंसरी, हॉस्पिटल, मैटरनिटी सेंटर या अन्य हेल्थ फेसिलिटी को विज़िट करते हैं तो ICMR गाइडलाइंस के तहत उनका टेस्ट कराना होगा और कोविड सर्विलांस प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा.
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स्पेशल सर्विलांस ग्रुप में इन लोगों को रखा गया है–
– रिक्शा, ऑटो, टैक्सी वाले और सामान वाहक लॉरी वाले
– मेड और डेली वर्कर्स जैसे- पलम्बर्स, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, मैकेनिक
– खाना और ज़रूरी सामान जैसे ग्रॉसरी, किराना, पार्सल और पोस्ट सप्लाई करने वाले लोग
(जो इसमें शामिल नहीं हैं- दुकानें, हॉस्पिटल, रेस्तरां, जिम, स्विमिंग पूल, मॉल, सामाजिक सभा, रैली, त्योहार)
– MCD, ट्रांसपोर्ट, पुलिस, RWA, DDA की मदद से सभी स्पेशल सर्विलांस ग्रुप की लिस्टिंग की जायेगी
– सभी जिलों में जहां भी संभव हो स्पेशल सर्विलांस ग्रुप की स्क्रीनिंग शुरू करने की कोशिश करनी होगी. जिन जगहों पर स्पेशल सर्विलांस ग्रुप ज़्यादा इकठ्ठा होते हैं ऐसे पॉइंट्स को कवर करना अनिवार्य होगा. अगर कोई भी ILI/ SARI केस पाया जाता है तो उसे स्टैंडर्ड हेल्थ प्रोटोकॉल के अनुसार डील किया जाएगा.
– अगर स्पेशल सर्विलांस ग्रुप में कोई पॉजिटिव केस पाया जाता है तो कोविड प्रोटोकॉल के तहत उसकी देखभाल की जायेगी. उसके घर और काम की जगह को फौरन डिसइंफेक्ट और सैनिटाइज कराया जायेगा और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस की प्रक्रिया की जाएगी. सीधे संपर्क में आने वाले और प्राइमरी कांटेक्ट को ट्रेस करके 15 दिन के सख्त क्वारनटीन में रहना होगा.
– स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के इकठ्ठा होने की जगह को चिन्हित करके वहां व्यापक स्तर पर रेगुलर डिसइंफेक्शन का काम कराना होगा.
– दिल्ली सरकार की किसी डिस्पेंसरी, हॉस्पिटल, मैटरनिटी सेंटर या अन्य हेल्थ फेसिलिटी को विज़िट करने वाले स्पेशल सर्विलांस ग्रुपको ICMR गाइडलाइंस के तहत टेस्ट कराना होगा और कोविड सर्विलांस प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा.
– जिन स्पेशल सर्विलांस ग्रुप के पास निजी या कॉमर्शियल वाहन है उन्हें अपने वाहनों और काम करने के औजारों को रेगुलर डिसइंफेक्ट और सैनिटाइज कराने के लिए प्रोत्साहित करना होगा.

