छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में लॉकडाउन की आशंका जताई जा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बैठक में सुझाव दिया गया कि राज्य में कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को लेकर और सख्ती की जाए. फिर भी स्थिति नहीं संभली तो जिन जिलों में मरीज बहुत ज्यादा हैं, वहां लॉकडाउन लगाया जाए.
एक हफ्ते में कोरोना से 42 लोगों की मौत
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह में 42 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है. राज्यस्तरीय डेथ ऑडिट समिति की रिपोर्ट में आया कि प्रति सप्ताह मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. कोरोना संक्रमितों के मामलों में जिस तरह से रोज बढ़ोतरी हो रही है, वह सतर्क करने वाली है. अब रोज प्रदेश भर से कोरोना संक्रमण के हजार से अधिक मामले मिल रहे हैं. रायपुर और दुर्ग जिले में संक्रमण के सबसे अधिक मामले मिल रहे हैं. राज्य में संक्रमितों की संख्या अभी 8442 है. वहीं कोरोना से अब तक कुल 3950 लोगों की मौत हो गई है. वहीं कुल पीड़ितों की संख्या बढ़कर 3 लाख 24 हजार 1 सौ 53 हो गई है.
लॉकडाउन से आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ाने की आशंकासीएम हाउस में हुई बैठक में मौजूद ज्यादातर मंत्रियों का मानना था कि लॉकडाउन से राज्य की आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी. वहीं सबसे ज्यादा खमियाजा गरीब लोगों को भुगतना पड़ता है. हालांकि खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का कहना है कि सरकार इस संक्रमण को रोकने के लिए तेजी से प्रयास कर रही है. लॉकडाउन कोई उपाय नहीं है. बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि पहले धीरे-धीरे करके संस्थान बंद किए जाएं. वहीं राज्य में कोरोना गाइडलाइन का पालन करने को लेकर और सख्ती लगाई जाए. यदि फिर भी स्थिति नहीं संभली तो जिन जिलों में मरीज बहुत ज्यादा हैं, वहां लॉकडाउन लगाया जाए.
सरकार के मंत्रियों के बीच तालमेल नहीं – पूर्व मंत्री
पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सीधे तौर पर लॉकडाउन लगाना चाहिए या नहीं, इस पर तो कुछ नहीं कहते. हां, उनका कहना है कि सरकार के मंत्रियों के बीच कोई आपसी तालमेल नहीं है. यही वजह है कि स्थिति एक बार फिर राज्य में बिगड़ी है. एकराय नहीं होने से कोई ठोस निर्णय भी सरकार नहीं ले पा रही है.


