मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से मामले के बारे में जानकारी जुटा कर हल निकालने के लिए कहा है. (फाइल फोटो)
कई खबरें आई हैं कि विभिन्न कारणों से छात्र निजी स्कूल छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों के नाम, पते, माता-पिता के संपर्क आदि की जानकारी एकत्र की जानी चाहिए.
- News18Hindi
- Last Updated:
September 21, 2020, 3:13 PM IST
राज्य शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों और डीईओ को पत्र लिखा
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने कहा कि राज्य शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों और डीईओ को पत्र लिखा है कि वे अभिभावकों से मिलें और छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए प्रोत्साहित करें.
विभिन्न कारणों से छात्र निजी स्कूल छोड़ रहे हैंपत्र में कहा गया है कि मीडिया में कई खबरें आई हैं कि विभिन्न कारणों से छात्र निजी स्कूल छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों के नाम, पते, माता-पिता के संपर्क आदि की जानकारी एकत्र की जानी चाहिए.
प्रवेश देते समय स्थानांतरण प्रमाणपत्र या मार्कशीट की मांग करने पर जोर नहीं
अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने यह निर्धारित किया है कि स्कूलों में पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक के ऐसे छात्रों को प्रवेश देते समय स्थानांतरण प्रमाणपत्र या मार्कशीट की मांग करने पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए.
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11वीं कक्षा में के समय, दसवीं कक्षा के अंक सत्यापित
पत्र के मुताबिक 11वीं कक्षा में प्रवेश देते समय, उनकी दसवीं कक्षा के अंकों को अवश्य सत्यापित किया जाना चाहिए.

