जम्मू में आतंकी हमले में शहीद का शव पहुंचा कोंडागांव, बेटियों ने दी मुखाग्नी Martyrs body reached in Kondagaon in terrorist attack in Jammu, daughters gave fire | kondagaon – News in Hindi

जम्मू में आतंकी हमले में शहीद का शव पहुंचा कोंडागांव, बेटियों ने दी मुखाग्नि

शहीद की बेटियों ने मुखाग्नि दी.

जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों द्वारा किये ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ 116 के जवान शिवलाल नेताम शहीद हो गए थे.

कोंडागांव. जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों द्वारा किये ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ 116 के जवान शिवलाल नेताम शहीद हो गए थे. शहीद जवान का पार्थिव शरीर 36 घंटे बाद उनके गृहग्राम छत्तीसगढ़ के कोंडागांव पहुंचा, जहां शहीद की बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी. आतंकी हमले में शहीद शिवलाल नेताम का पार्थिव शरीर पुरे राजकीय सम्मान के साथ जम्मू से रायपुर लाया गया. जहां से सड़क मार्ग से शहीद के पार्थिव शरीर को देर रात उसके गृहग्राम पतोड़ा लाया गया.

अपने गांव के वीर सपूत के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे पतोड़ा गांव में मातम पसर गया. लॉकडाउन के सन्नाटे को चीरती गांव में सिसकिया गूंजती रहीं. बुधवार की देर रात रायपुर से सड़क मार्ग से शहीद जवान का पार्थिव शरीर गृहग्राम ग्राम पहुंंचा जहा सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल और जनप्रतिनिधियों ने शहीद जवान को श्रद्धांजली दी.

बेटियों ने दी मुखाग्नि
गुरुवार की सुबह शहीद जवान का अंतिम संस्कार किया गया. शिववाल नेताम की दोनों बेटियों हर्षिता और लेसिया ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी. आपको बता दें कि शहीद जवान की दो बेटिया हैं, जिसमें एक बारह साल की हर्षिता और सात साल की लियेसा है. परिजनों ने बताया की शिवलाल अपनी दोनों बेटियों को बेटे की तरह मानते थे और उसी तरह से उनका ख्याल रखते थे. अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने उमड़ पडा था. जिस वक्त दोनों मासूम बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी वहा मौजूद हर किसी की आंंखें नम हो गईंं.नाराज पीसीसी अध्यक्ष के निशाने पर पुलिस
शहीद जवान के पार्थिव शरीर जम्मे से रायपुर तक पुरे राजकीय सम्मान से लाया गया, लेकिन रायपुर से फरसगांव ब्लाक के पतोड़ा गांंव तक पार्थिव शरीर को लाने के लिए हेलीकॉप्‍टर नहीं मिला पाया. इस बात को लेकर  पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने नाराजगी जाहिर की. पीसीसी अध्यक्ष ने कहा की एक जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया और और उसके पार्थिव शरीर को लाने के लिए हेलीकाप्टर नहीं मिला. कम से कम उस परिवार का ख्याल करना चाहिए जिस पर दुखों का पहाड़ टूट पडा है. छत्तीस घंटे तक उस परिवार के लोग भूखे रोते रहे, जोकि बड़े ही शर्म की बात है.  पुलिस के अधिकारी बेवजह हेलीकॉप्‍टर में घूमते हैं और देश के लिए शहीद होने वाले जवान के पार्थिव शरीर को लाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने हेलीकॉप्‍टर नहीं दिया.

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First published: April 9, 2020, 5:48 PM IST




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