ड्राइवर की बेटी बनी छत्तीसगढ़ की पहली महिला ‘अग्निवीर’, कैंसर से जूझ रहे पिता ने ऑटो बेचकर पढ़ाया

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग की रहने वाली हिशा बघेल अग्निवीर स्कीम (Agniveer Scheme) में चयनित होने वाली राज्य की पहली महिला बन गई हैं. दुर्ग के बोरिगार्का गांव की रहने वाली हिशा ने तमाम आर्थिक और व्यक्तिगत परेशानियों के बावजूद भी इस प्रतिष्ठित अवसर को हासिल किया और अब वह पिछले साल केंद्र द्वारा शुरू की गई ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना (‘Agnipath’ recruitment scheme) के तहत सशस्त्र सेवाओं में शामिल होने के लिए तैयार हैं.

एएनआई से बात करते हुए, हिशा की मां ने कहा, “मुझे बहुत गर्व है. वह बहुत मेहनती है और वह ट्रेनिंग के लिए सुबह 4 बजे उठ जाती थी. कैंसर से पीड़ित मेरे पति के इलाज के लिए हमने अपनी जमीन और ऑटो बेच दिया.” हम अपने बच्चों को भी पढ़ाते हैं. अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हिशा छत्तीसगढ़ की पहली अग्निवीर बनने वाली हैं.

बीएससी द्वितीय वर्ष में हुआ अग्निवीर के तौर पर चयन
हिशा के स्कूल टीचर का कहना है, “मैं ये जानकर बहुत खुश हूं कि हमारे स्कूल की एक छात्रा को पहली महिला अग्निवीर के रूप में चुना गया है. वह बहुत ही होनहार छात्रा थी. वह खेलों में भी अच्छी थी. परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद, वह ऐसा कर सकी.” हिशा जब इस योजना के लिए चुनी गई थी तब वह बी.एससी की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी.

हिशा वर्तमान में ओडिशा के चिल्का में भारतीय नौसेना से वरिष्ठ माध्यमिक भर्ती के लिए ट्रेनिंग ले रही हैं. उनकी ये ट्रेनिंग मार्च तक चलेगी और उसके बाद उन्हें देश की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा.

आपको बता दें, 14 जून, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सशस्त्र बलों में सेवा करने के लिए भारतीय युवाओं के लिए भर्ती योजना ‘अग्निपथ’ को मंजूरी दी. योजना के तहत चयनित युवाओं को ‘अग्निवीर’ के रूप में जाना जाएगा और उन्हें स्थायी कैडर में नामांकन के लिए आवेदन करने का मौका दिया जाएगा.

Tags: Agniveer, Chhattisagrh news, Durg news, Indian army


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