- दिल्ली में मौलाना साद को बदलना अपना घर
- कोरोना वायरस से निगेटिव पाए गए मौलाना साद
दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज के मुखिया मौलाना मुहम्मद साद समेत 18 लोगों को पुलिस जांच के साथ जुड़ने के लिए कह चुकी है. इसके अलावा तबलीगी जमात के 2,000 सदस्यों के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया है. इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
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बता दें कि पिछले महीने दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कई सदस्यों की कोविड-19 संक्रमण की वजह से मौत हो गई और सैकड़ों कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए, जिनका इलाज चल रहा है. जमात का ये कार्यक्रम संक्रमण के फैलाव के लिए सबसे बड़ा कलस्टर साबित हुआ.
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सूत्रों के मुताबिक, मौलाना साद ने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं. लेकिन कुछ और सवालों पर उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही. मौलाना साद के मुताबिक वो आइसोलेशन में थे. इसलिए इनके बारे में उन्हें नहीं पता.
दिल्ली पुलिस मरकज की फंडिंग के बारे में भी पता लगा रही है. पुलिस अब मौलाना का बयान रिकॉर्ड कर सकती है. मौलाना साद के प्रतिनिधि ने बीते महीने कहा था कि अगर पुलिस बुलाएगी तो वो उसके सामने पेश होंगे. साथ ही ये भी कहा था कि मौलाना के खिलाफ जिन धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है वो सभी जमानती हैं.
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सूत्रों के मुताबिक, मौलाना मुहम्मद साद ने अपना रिहाइश भी बदल ली है. वो जाकिर नगर में ही अब दूसरी जगह रहने लगे हैं. मौलाना साद प्राइवेट डॉक्टर्स के संपर्क में थे. उन्होंने अपना कोविड-19 टेस्ट भी कराया जो निगेटिव आया. इसी के बाद उन्होंने अपना घर बदला.

