दतिया भाजपा में नए नेतृत्व की शुरुआत: उपचुनाव की हार के बाद मानवेंद्र परिहार को सौंपी गई जिलाध्यक्ष की कमान

दतिया:मध्य प्रदेश के राजनीतिक पटल पर संवेदनशील माने जाने वाले दतिया जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद तेज हो गई है। विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद प्रदेश नेतृत्व द्वारा भंग किए गए जिला संगठन को आखिरकार नया मुखिया मिल गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सांगठनिक कसावट लाते हुए पार्टी के निष्ठावान और अनुभवी नेता मानवेंद्र परिहार को दतिया जिला भाजपा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संगठन में सर्जरी के बाद नए नेतृत्व का इंतजारगौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की पराजय के तुरंत बाद प्रदेश संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे जिला संगठन को भंग कर दिया था। इस कार्रवाई के तहत जिला अध्यक्ष सहित पूरी जिला कार्यकारिणी और अन्य महत्वपूर्ण सांगठनिक इकाइयों को पदमुक्त कर दिया गया था। इस बड़े फेरबदल का मुख्य उद्देश्य पार्टी की कमियों की समीक्षा करना और संगठन को जमीनी स्तर पर दोबारा मजबूत करना था। तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी की कमान ऐसे शख्स को सौंपी जाएगी जो सभी गुटों में संतुलन बनाते हुए कार्यकर्ताओं का खोया हुआ मनोबल वापस लौटा सके। लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं मानवेंद्र परिहारनए जिलाध्यक्ष बनाए गए मानवेंद्र परिहार पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं और विभिन्न स्तरों पर पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। संगठन की कार्यप्रणाली और जिले के राजनीतिक समीकरणों से भली-भांति परिचित होने के कारण ही प्रदेश नेतृत्व ने उन पर यह भरोसा जताया है। नए जिलाध्यक्ष के सामने खड़ी हैं बड़ी चुनौतियां…मानवेंद्र परिहार के लिए यह ताजपोशी जितनी बड़ी जिम्मेदारी है, उतनी ही बड़ी चुनौती भी है। उनके सामने सबसे पहले दतिया में सुस्त पड़े सांगठनिक ढांचे को दोबारा सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की चुनौती होगी। उपचुनाव के बाद से जमीनी स्तर पर ढीली पड़ी पकड़ को मजबूत करने के लिए उन्हें कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना होगा। इसके साथ ही, मंडल से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को चुस्त-दुरुस्त करना और नए सिरे से कार्य समितियों का गठन करना उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। चुनाव के दौरान उभरे मतभेदों को मिटाकर सभी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। नई जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद ही जिले में भाजपा की गतिविधियों को तीव्र गति से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकेगा। इस नए संगठनात्मक बदलाव से एक तरफ जहां कार्यकर्ताओं में उम्मीद जगी है, वहीं देखना यह होगा कि मानवेंद्र परिहार अपने राजनीतिक अनुभवों के बल पर दतिया में भाजपा को कितनी मजबूती दे पाते हैं।

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