- अब दिल्ली हाईकोर्ट 12 मई को करेगा अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई
- विवादित पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया है देशद्रोह का मामला
सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करके फंसे दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान अब दिल्ली हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं. जफरुल इस्लाम खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई है, जिस पर 12 मई को सुनवाई हो सकती है.
सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया है और उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. जफरुल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल को ट्विटर और फेसबुक पर लिखा था कि भारत में मुसलमानों को प्रताड़ित किया जा रहा है. अभी तो भारत में रह रहे मुसलमानों ने लिंचिंग और नफरती अभियानों की शिकायत अरब देशों से नहीं की है. अगर उनको ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता रहा, तो भारत की परेशानियां बढ़ सकती है.
जफरुल इस्लाम खान यहीं नहीं रुके, उन्होंने कुवैत को भारतीय मुसलमानों के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद भी दिया था. सोशल मीडिया पर अपने इस बयान के चलते जफरुल इस्लाम लोगों के निशाने पर हैं. उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और सांप्रदायिकता बढ़ाने का आरोप लगाया जा रहा है. जफरुल इस्लाम खान को लोग देशद्रोही करार दे रहे हैं. हालांकि जफरुल इस्लाम खान अपने बयान को लेकर माफी भी मांग चुके हैं.
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जफरुल इस्लाम ने कहा था कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था. वहीं, 11 मई को जफरुल इस्लाम को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने के लिए लगाई गई याचिका पर भी सुनवाई होनी है. यह याचिका वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की तरफ से दायर की गई है.
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इस याचिका में कोर्ट से अपील की गई कि जफरुल इस्लाम खान को पद से हटाने के लिए दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल को आदेश दिया जाए. याचिका में कहा गया कि जफरुल इस्लाम खान ने देश विरोधी और नफरत फैलाने वाले बयान सोशल मीडिया पर दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का सिर झुका है. अब 11 और 12 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में दोनों याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई जफरुल इस्लाम खान के लिए बेहद अहम होगी.