छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि गांव में नल तक जाने वाले रास्तों को दोनों ओर से बंद कर दिया गया है, जिससे उन्हें पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
महिलाओं के अनुसार, पहले नल तक जाने के लिए दो रास्ते थे, लेकिन एक तरफ पुल बनाकर रास्ता बंद कर दिया गया और दूसरी ओर खुदाई कर दी गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इस कारण करीब 50 से अधिक आदिवासी परिवार पानी के लिए परेशान हैं और भीषण गर्मी में भारी संकट का सामना कर रहे हैं।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के दबंग लोग उनके साथ छुआछूत कर रहे हैं और उनके बच्चों को “आदिवासी” कहकर भगा दिया जाता है। साथ ही उन्हें गांव छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है और झोपड़ियां जलाने तक की धमकी दी जा रही है।
पीड़ित महिलाओं का यह भी कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचीं तो उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और कार्रवाई की मांग की।महिलाओं ने प्रशासन से सुरक्षा, पानी की व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


