नक्सलियों ने कहा- Corona के चलते सीजफायर, नहीं करेंगे कोई हमला CPI (Maoist) has offered a unilateral ceasefire against security forces due to corona nodss | chhattisgarh – News in Hindi

इससे करीब दो सप्ताह पहले 21 मार्च को ही नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में 17 सीआरपीएफ के जवानों की हत्या कर दी थी. (File Photo)

CPI (Maoist) ने सरकार को दिया सीजफायर का प्रस्ताव, कहा- पांच दिन में जवाब दे केंद्र और राज्‍य सरकारें.

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते देशभर में फैल रहे संक्रमण को देखते हुए अब नक्सलियों ने भी शांति की पहल की है. जानकारी के अनुसार सीपीआई (माओवादी) CPI (Maoist) ने सुरक्षाबलों के खिलाफ लड़ाई में अब सीजफायर की अपील की है. उन्होंने कहा है कि सरकार को वे इस ऑफर पर जवाब देने के लिए पांच दिनों का समय दे रहे हैं. गौरतलब है कि इससे करीब दो सप्ताह पहले 21 मार्च को ही नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में पुलिस के 17 जवानों की हत्या कर दी थी.

नहीं करेंगे कोई हमला
पार्टी के लेटर हेड पर तेलगु में हस्तलिखित पत्र प्रशासिनक अधिकारियों को 5 अप्रैल को मिला. इस पत्र को सीपीआई (माओवादी) मलकानगिरी-कोरापुत-विशाखा बॉर्डर डिविजन कमेटी के सेक्रेट्री कैलाशम ने लिखा है. उसने कहा कि कोविड-19 के चलते दुनियाभर में हाहाकार मचा है. हमारी पार्टी की विंग पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी और अन्य संगठनों ने यह निर्णय लिया है कि इस विपरीत समय में सुरक्षा बलों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा. हालांकि ये स्टेटमेंट पार्टी के आलाकमान की तरफ से जारी नहीं किया गया है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि नक्सली सरकार के इरादों का पता करना चाहते हैं कि इस तरह के प्रस्ताव वे मंजूर करती है या नहीं.

सुरक्षा बलों ने की कार्रवाई तो बुरा होगा अंजामइस पत्र में कैलाशा ने लिखा है कि यदि इस दौरान सुरक्षाबलों ने किसी भी प्रकार की कार्रवाई की तो अंजाम बुरा होगा. ऐसे में हम चुप नहीं बैठेंगे और सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे. इस सीजफायर पर जवाब देने के लिए हम सरकार को पांच दिनों का समय दे रहे हैं.

माओवादियों पर है स्‍थानीय लोगों का दबाव
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि माओवादियों पर स्‍थानीय लोगों का दबाव है. गांवों के मुखिया और कुछ बुद्धिजीवियों से लगातार माओवादी संपर्क में हैं. ग्रामीणों के अनुसार हिंसा की स्थिति में स्वास्‍थ्य कर्मियों और सरकारी लोगों का गांव में आना संभव नहीं है जिसके चलते यदि कोरोना गांव में फैलता है तो उसे रोकना मुश्किल होगा.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माओवादियों के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और केंद्र, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश सरकार से अपील की है कि वे इस पर सकारात्मक रुख अपनाएं. सिविल लिबर्टी कमेटी तेलंगाना यूनिट के अध्यक्ष डॉ गद्दम लक्ष्मण और आंध्र के अध्यक्ष वी. चित्ताबाबू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को इस अपील पर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए ताकि इलाके में शांति स्‍थापति हो.

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First published: April 7, 2020, 9:58 AM IST




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