पाठ्य पुस्तक निगम में 72 करोड़ का घोटाला, खुद अध्यक्ष ने खोली पोल, कांग्रेस ने निकाला रमन सिंह कनेक्शन

अध्यक्ष  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मामले के जांच के निर्देश दिए हैं.

अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मामले के जांच के निर्देश दिए हैं.

Chhattisgarh Text Book Corporation Scam: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में 72 करोड़ के आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया है. अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी (Shailesh Nitin Trivedi) ने इस पूरे मामले का खुलास किया, फिलहाल, इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. 

रायपुर. अब तक कई तरह के विवादों में घिरे छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (Chhattisgarh Text Book Corporation) का एक और नया कारनामा सामने आया है जिसमें 72 करोड़ के आर्थिक अनियमितता  (Economic irregularity) पाई गई है. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद इस मामले का खुलासा किया है .शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी ने नियमों को ताक में रख कई करोड़ का भुगतान कर दिया है.  उन्होंने बताया कि सक्षम अधिकारी के संयुक्त दस्तखत के बीना चेक से 72 करोड़ का भुगतान कर दिया है.

शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि 4 अक्टूबर 2019 से 25 अक्टूबर 2019 के दौरान किए गए इस भुगतान में नियमों का पालन नहीं किया गया. त्रिवेदी का कहना है कि इस पूरे मामले में उन्होने  जांच के आदेश दे दिए है. अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा प्रिंटर्स को बिना काम कराए 8 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात भी कही है.

बिना काम के भुगतान का भी मामला

शैलेष नितिन त्रिवेदी ने दस्तावेज सामने रखते हुअ बताया कि पाठ्य पुस्तक निगम की तरफ से जारी किए गए चेक में वरिष्ठ प्रबंधक वित्त की जगह महाप्रबंधक के सिंगल हस्ताक्षर से ही सभी चेक जारी किए गए. इसका खुलासा,महालेखाकार की ऑडिट के बाद हुआ है. इसके अलावा ब्लैक लिस्टेड कंपनी को बिना काम के भुगतान का भी मामला पाठ्य पुस्तक निगम में ही आया है.पापुनि ने मेसर्स रामराजा प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स रावांभाठा रायपुर को पहले तो 8 करोड़ 20 लाख 4 हजार 401 रुपए की राशि का भुगतान कर दिया. बाद में ऑडिट में जब यह पता नहीं चला कि किस काम के लिए राशि का भुगतान किया गया, तब प्रकाशक को ही चिट्ठी लिखकर कार्यादेश की जानकारी मांगी गई है. संबंधित प्रकाशक को चिट्ठी लिखकर पूछा गया है कि आपके भारतीय स्टेट बैंक के खाता क्रमांक में 2 जनवरी 2020 को 8 करोड़ 20 लाख रुपए का भुगतान किया गया है, वह किस कार्य का है?

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जांच के आदेश जारी

मामले में शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रकाशक से जानकारी मांगने और जांच के निर्देश भी दिए हैं. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री के संरक्षण में ही अधिकारियों ने इस कारनामे को अंजाम दिया है.







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