कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 16 मई को अपील की थी कि उनकी पार्टी को 1,000 बसें चलवाने की अनुमति दी जाए, जो प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद करेंगी. बाद में उन्होंने एक वीडियो मैसेज में कहा कि बसें यूपी बॉर्डर पर इंतजार कर रही हैं.
इसके बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें किसी हाईवे पर बसों की कतारें लगी हैं. दावा किया जा रहा है कि प्रियंका गांधी ने मजदूरों के लिए इन बसों की व्यवस्था की है लेकिन योगी सरकार इन बसों को चलाने की इजाजत नहीं दे रही है.
फेसबुक पर कई यूजर्स ने इस तस्वीर को शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है, “शर्मनाक. ये कोई जाम नहीं है उत्तर प्रदेश मे प्रियंका गाँधी जी ने 1000 बस तैयार कर रखी है मजदूरो को घर पहुँचाने के लिए लेकिन योगी जी परमिशन नही दे रहे !!”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल हो रही इस तस्वीर का प्रियंका गांधी या मजदूरों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है. यह तस्वीर पिछले साल प्रयागराज के कुंभ मेले में खींची गई थी जब उत्तर प्रदेश सरकार ने 500 विशेष बसों की परेड का गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.
इस तस्वीर को फेसबुक पर कई यूजर्स ने शेयर किया है. कुछ यूजर्स ने बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी, जिसका आर्काइव्ड वर्जन यहां (http://archive.today/VUmDi) देखा जा सकता है.

रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमने पाया कि यह तस्वीर पिछले साल कुंभ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में खींची गई थी. यही तस्वीर कई न्यूज वेबसाइट जैसे “Financial Express ” और “The Quint ” में 28 फरवरी, 2019 को प्रकाशित हुई थी.
इन न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी सरकार के तहत प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए ‘सबसे बड़ी बस परेड’ का रिकॉर्ड बनाया था. यह रिकॉर्ड बनाने के लिए कुंभ मेले के लोगों के साथ 500 बसों का इस्तेमाल किया गया था. इन बसों की 3.2 किलोमीटर लंबी कतार लगी थी. इसके पहले अबू धाबी के नाम 390 बसों की परेड का रिकॉर्ड था.
जाहिर है कि वायरल तस्वीर पुरानी है और इसका मजदूरों के पलायन की समस्या से कोई संबंध नहीं है. ये वे बसें नहीं हैं जिनकी व्यवस्था कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए की है.
हालांकि, प्रियंका गांधी की अपील के दो दिन बाद उत्तर प्रदेश सरकार 18 मई, सोमवार को कांग्रेस द्वारा जुटाई गई बसों को चलाने की इजाजत दे दी.


