वन विभाग ने ट्रक ड्राइवर पर जुर्माना लगाया है.
कोंडागांव (Kondagaon) की केशकाल घाटी (Keshkal Valley) में वन विभाग की ताकीद के बावजूद बंदरों को खाना खिलाने वाले ट्रक ड्राइवर को भरना पड़ा भारी-भरकम जुर्माना. अनाप-शनाप खाद्य सामग्री खाकर बंदरों (Monkey) की सेहत बिगड़ने को लेकर विभाग ने कर रखी है मनाही.
छत्तीसगढ़ अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, कोंडागांव की केशकाल घाटी में बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं. यहां से गुजरने वाले राहगीर और स्थानीय लोग बंदरों को शौकिया तौर पर कुछ न कुछ खाने का सामान देते रहते हैं. वन विभाग का कहना है कि अनाप-शनाप सामग्री खाने से बंदरों की सेहत खराब हो जाती है. इसको देखते हुए विभाग ने केशकाल घाटी में कई जगहों पर होर्डिंग और पोस्टर लगा रखे हैं, जिस पर बंदरों को खाद्य सामग्री देने की मनाही के बारे में बताया गया है. मंगलवार को उस ट्रक ड्राइवर ने इन चेतावनियों की अनदेखी कर दी, जिसकी वजह से उसे 10 हजार रुपए जुर्माना भरना पड़ा.
लगा 10 हजार का जुर्माना
अखबार के मुताबिक, मंगलवार की शाम जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहे ट्रक के चालक ओम प्रकाश साहू ने केशकाल घाटी में रुककर बंदरों को खाद्य सामग्री खाने को दी. उस समय वन विभाग का अमला भी पास ही मौजूद था. विभागीय कर्मियों ने ट्रक ड्राइवर को बंदरों को खिलाते हुए देख लिया. इसके बाद मौके पर ही ट्रक ड्राइवर के नाम 10 हजार रुपए जुर्माने की रसीद काट दी गई. ट्रक ड्राइवर दल्ली राजहरा का रहने वाला है.ये भी पढ़ें: Delhi Violence:वकीलों के पैनल को कैबिनेट ने किया खारिज, केजरीवाल सरकार पर BJP का बड़ा आरोप
बंदरों को खाना खिलाने के फेर में 10000 रुपए का जुर्माना लगते देख ट्रक ड्राइवर ओमप्रकाश के होश फाख्ता हो गए. पहले तो उसने जुर्माने की रकम देने से मना कर दिया और बंदरों को खाना न देने की जानकारी न होने की दलील भी दी. लेकिन वन विभाग के कर्मियों के आगे उसकी एक न चली. कर्मियों ने साफ कहा कि जुर्माना न देने पर ट्रक आगे नहीं जाएगा. इसके बाद ट्रक चालक को जुर्माना भरना पड़ा.


