भीमबेटका के नजदीक बनेगा इंटरप्रिटेशन केन्द्र


भीमबेटका के नजदीक बनेगा इंटरप्रिटेशन केन्द्र


 


भोपाल : शनिवार, फरवरी 29, 2020, 20:33 IST

रॉक आर्ट सोसायटी ऑफ इंडिया (रॉक्सी) के तीन दिवसीय अधिवेशन के अन्तिम दिन शनिवार 29 फरवरी को भीमबेटका के शैलचित्र स्थल के आसपास के निवासियों के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास पर चर्चा हुई। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल पुराकला के 29वें अंक का विमोचन भी किया गया। अधिवेशन प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता और शैलचित्र स्थलों के खोजकर्ता डॉ. वी.एस. वाकणकर को समर्पित था।

अधिवेशन में 6 अकादमिक सत्र हुए, जिनमें 30 से अधिक अध्येताओं ने शोधपत्र पढ़े। अधिवेशन में लगभग 50 प्रतिभागी शामिल हुए। इस दौरान मध्यप्रदेश की अमूल्य शैलचित्र धरोहर की अच्छी देखरेख के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ पुरातत्व अधिकारियों में विस्तृत चर्चा हुई और सहमति भी बनी।

प्रतिभागियों ने अधिवेशन में यूनेस्को द्वारा भारत में संरक्षित एकमात्र विश्व धरोहर घोषित भीमबेटका के नजदीक इंटरप्रिटेशन केन्द्र बनाने पर सहमति व्यक्त की। भीमबेटका के शैलचित्र स्थल की खोज डॉ. वी.एस. वाकणकर ने की थी। अधिवेशन में तय किया गया कि भीमबेटका के शैलचित्रों के बेहतर रखरखाव में स्थानीय समुदाय का सहयोग भी लिया जाएगा। शैलचित्रों के रखरखाव के लिये पहले से कार्य कर रही प्रबंध और समन्वय समिति की पुनर्संरचना की जाएगी। समिति में पुरातत्व, पर्यटन, राजस्व और वन विभाग के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे।

प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, वरिष्ठ पुरातत्वाविद श्री के.के. मोहम्मद, डॉ. एस.वी. ओटा, डॉ. राकेश तिवारी, प्रो. आर.सी. अग्रवाल, श्री मोहनानी, रमेश यादव सहित विश्वविद्यालयों के लेक्चरर्स और विद्वान अधिवेशन में शामिल हुए। सभी ने पुरातत्व संग्रहालय और ट्राइबल म्यूजियम का भी अवलोकन किया।


अशोक मनवानी


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