- कोरोना वायरस के चलते मोदी सरकार ने देश में कर रखा है लॉकडाउन
- लॉकडाउन की घोषणा के बाद बस अड्डे पर उमड़ी थी मजदूरों की भीड़
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को रोकने के लिए मोदी सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है. इस लॉकडाउन के चलते फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं, बाजार बंद हो गए हैं और लोगों का कामकाज ठप पड़ गया है. लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूरों पर पड़ रहा है. लॉकडाउन के चलते मजदूरों का दिल्ली समेत कई शहरों से पलायन हो रहा है.
कुछ दिन पहले दिल्ली के आनंद विहार स्थित आईएसबीटी में प्रवासी मजदूरों का जमावड़ा लगा था. इनको ले जाने के लिए डीटीसी और क्लस्टर बसों को लगाया गया था. अब बुधवार को दिल्ली पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए डीटीसी और क्लस्टर बसों के इस्तेमाल करने के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की है.
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इससे पहले रविवार को आईटीओ पुल पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात रहे एक पुलिसकर्मी ने इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद पूर्वी दिल्ली के शकरपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.
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वहीं, भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. दुनियाभर में कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या 9 लाख पार हो चुकी है, जिनमें से 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा कहर इटली में देखने को मिल रहा है, जहां 13 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
इसके बाद दूसरे नंबर पर स्पेन हैं, जहां पर 9 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इसके बाद मौत के मामले फ्रांस तीसरे नंबर पर है, जहां कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 3500 पार हो चुका है.

