लॉकडाउन में आदिवासियों को कर रहे जागरूक, पहुंचा रहे जरूरी सामान Aware of the tribals in lockdown | chhattisgarh – News in Hindi

लॉकडाउन में आदिवासियों को कर रहे जागरूक, पहुंचा रहे जरूरी सामान

बालोद में आदिवासियों को सामान वितरित किया गया.

छत्तीसगढ़ में उन इलाकों में लॉकडाउन का ज्यादा असर दिख रहा है, जहां वनांचल में रहने वाले आदिवासी वर्ग के लोग रहते हैं.

बालोद. छत्तीसगढ़ में उन इलाकों में लॉकडाउन का ज्यादा असर दिख रहा है, जहां वनांचल में रहने वाले आदिवासी वर्ग के लोग रहते हैं. दरअसल इस मौसम में आदिवासी अंचलों में महुआ बीनने का काम भी आदिवासी बड़ी संख्या में करते हैं. ऐसी स्थिति में उनको कोरोना वायरस जैसी महामारी की जानकारी पहुंचाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन ऐसे में राज्य सरकार ने उन तक जानकारी पहुंचाने के लिए और उनकी रोजमर्रा की जरुरतो का सामान पहुंचाने का जिम्मा ट्राइबल विभाग के जिम्मे सौपा है, जिसको लेकर प्रदेश के आदिवासी जिलो में इसकी झलक देखी जा सकती है.

प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला बालोद में ट्राइबल विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है. जिले में संचालित छात्रावासों में सब्जी और अन्य राशन सामग्री के पैकेट का वितरण किया जा रहा है. यह काम उन इलाकों में हो रहा है जहां घनघोर जंगल है. जहां पर लॉकडाउन की वजह से गांवों में खाद्य सामग्री और सब्जियों का मिलना मुश्किल हैं. ऐसे में इन इलाकों में सब्जी और अन्य खाद्य सामग्रियों को राज्य की कमार विशेष पिछड़ी जनजाति के गांव चिहरो और सुकड़ी गुहन गांव समेत अन्य गांवों मेें लोगो को राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है.

इन सब्जियों का वितरण
सब्जियों का वितरण करने वाले दशरथ यादव और टूमन देशमुख ने बताया कि जिन सब्जियों का वितरण इन आदिवासी इलाकों में किया जा रहा है, वो सभी सब्जियां मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत छात्रावासों में ही उगाई गई हैं. इस तरह से आदिवासी इलाकों में सब्जी से लेकर अन्य खाद्यान्नों को पहुंचाया जा रहा है, इस लॉकडाउन के समय इस तरह की पहल आदिवासियों के पोषण से लेकर उनकी सेहत का भी विशेष ध्यान रखने का दावा किया ज रहा है.ये भी पढ़ें:
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First published: April 5, 2020, 12:51 PM IST




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