ड्रग कलेक्टर छत्तीसगढ़ दुर्ग (फोटो साभार: (twitter/@Varwandkar)
कोरोना लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) में दुकान लगाने वाले दुकानदार की रोजी रोटी का एकमात्र जरिया सब्जी की दुकान थी ऐसे में कलेक्टर ने उसकी मजबूरी समझकर उसकी सहायता की और बजाये कि सत्ता का अनुचित इस्तेमाल करने के सहानुभूति…
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो दरअसल पुराना है. लेकिन @Varwandkar ने कलेक्टर के दया भाव के इस वीडियो को अपने ट्विटर पर शेयर किया है. इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जब फूटपाथ पर सब्जी बेचने वाले ने लॉकडाउन का आदेश मानने से इनकार कर दिया तो ड्रग कलेक्टर ने उसका सारा खुद ही खरीद लिया और सब्जी वाली को घर जाने को कहा. सत्ता केवल शक्ति का इस्तेमाल करने के लिए नहीं है बल्कि सहानुभूति के बारे में भी है. यह वाकई काबिले तारीफ है.
When the footpath vegetable seller refused to obey lockdown, #durg #collector bought all her stuff & made her go home!Great gesture! Highly Appreciated. Administration is not just execution of power, it’s also about empathy! pic.twitter.com/T9VYwWuyVD
— Dr. Ajit Varwandkar (@Varwandkar) July 26, 2020
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला मई माह के दौरान लगे लॉकडाउन का है. छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जब एक सब्जी की दुकान लगाने वाली महिला के इसलिए आदेश मानने से मना कर दिया क्योंकि यह दुकान ही उसकी रोजी रोटी का एकमात्र जरिया थी ऐसे में कलेक्टर ने उसकी मजबूरी समझकर उसकी सहायता की और बजाये कि सत्ता का अनुचित इस्तेमाल करने के सहानुभूति से उसकी सारी सब्जी खरीद ली और उसे घर जाने को कहा.
ट्विटर पर अफसर की नेकनीयती के इस वीडियो को अबतक 16 हजार 200 से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और 4 हजार से भी ज्यादा लोगों ने इस वीडियो को शेयर किया है. इस वीडियो पर कुल 308 कमेंट्स हैं. लोग अफसर की दरियादिली और सहानुभूति के लिए उनकी भरपूर तारीफ कर रहे हैं.

