लॉकडाउन 2.0 में आज से मिलेगी छूट, जानें किन राज्यों में कितनी होगी रियायत – Covid 19 what would be lockdown relaxation rules in states

  • फंसे मजदूरों को राज्य की सीमा के भीतर आने-जाने की इजाजत
  • लॉकडाउन के नियमों और सोशल डिस्टेंसिंग पर समझौता नहीं

लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू होने के कल एक हफ्ते हो रहे हैं. कल यानी 20 अप्रैल वो तारीख है जब देश कुछ आर्थिक गतिविधियों में छूट की उम्मीद कर रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा ऐलान किया था.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को राज्यों के भीतर मजदूरों की आवाजाही को मंजूरी देने वाली सशर्त गाइडलाइन जारी की, लेकिन इसी के साथ सरकार ने फिर साफ कर दिया है कि कोरोना के हॉटस्पॉट्स में कोई ढील नहीं दी जा सकती. राज्यों की ओर से भी अपनी-अपनी रणनीति तैयार की जा रही है.

कल 20 अप्रैल है और ये तारीख इसलिए अहम हो जाती है, क्योंकि 14 अप्रैल को लॉकडाउन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कोरोना मुक्त इलाकों में सशर्त आर्थिक गतिविधि की छूट दी जा सकती है. इसी के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को एक अहम आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत फंसे हुए मजदूरों को राज्य की सीमा के भीतर आने-जाने की इजाजत दे दी गई है.

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राज्यों को दी गई केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, जो मजदूर राज्य के भीतर अपने कार्यक्षेत्र की ओर लौटना चाहते हैं उनकी स्क्रीनिंग हो और अगर उनमें लक्षण नहीं हैं तो उन्हें उनके कार्यक्षेत्र तक भेजा जाए, लेकिन कोई भी मजदूर राज्य की सीमा के बाहर नहीं जा सकता. राज्य के भीतर मजदूरों को एक जगह से दूसरी जगह बसों से ले जाने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए. स्थानीय प्रशासन को यात्रा के दौरान मजदूरों के खाने-पीने की व्यवस्था करनी होगी.

गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में ये भी कहा गया है कि जो प्रवासी मजदूर राहत कैंपों में रह रहे हैं, उनकी स्किल मैपिंग कर कामों में लगाया जा सकता है.

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ये गाइडलाइन साफ संकेत है कि सरकार सोमवार से कोरोना कंटेनमेंट जोन के बाहर के हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों को एहतियात के साथ शुरू करने का मन बना चुकी है, लेकिन सरकार से आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के इन संकेतों के बावजूद कहा गया है कि लॉकडाउन के नियमों और सोशल डिस्टेंसिंग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राज्य के भीतर मजदूरों के आने-जाने पर गाइडलाइन जारी कर दी गई है, लेकिन कोरोना के मामलों के मद्देनजर राज्यों की ओर से ढिलाई बरतने के संकेत नहीं हैं.

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी जिला कलेक्टर्स को पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. सिर्फ गेहूं की खरीद को छोड़कर पंजाब में कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी. मंडियों में खरीद की इजाजत दी गई लेकिन उनका भी हेल्थ ऑडिट करने को कहा गया है.

रमजान को लेकर भी किसी भी तरह की छूट नहीं देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि कोरोना की महामारी के चलते कोई ढील अभी नहीं दी जा सकती है.

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केजरीवाल के मुताबिक, 27 अप्रैल को दिल्ली सरकार समीक्षा बैठक करेगी इसके बाद किसी आर्थिक गतिविधि को इजाजत देने पर फैसला किया जा सकता है.

हालांकि, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विकास कार्यों, सिंचाई परियोजनाओं समेत कई सार्वजनिक क्षेत्रों में काम की इजाजत दे दी है. इसके अलावा छोटी औद्योगिक इकाइयों, ऑनलाइन डिलिवरी कंपनियों, कोल्ड स्टोरेज, गोदाम और सभी तरह के सामानों की ढुलाई के कामकाज को लेकर भी छूट दी जा रही है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोरोना के ग्रीन और ऑरेंज जोन्स में कुछ आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जाएगा. उत्तर प्रदेश की ओर से पहले ही फैसला किया जा चुका है कि 20 अप्रैल से निर्माण के कामों को करने की छूट दी जाएगी.

वहीं, मध्य प्रदेश लॉकडाउन में छूट को लेकर शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश को तीन हिस्सों में बांटा गया गया है. पहला संक्रमण मुक्त जिलों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभी तरह के काम चालू होंगे. दूसरे जिले जहां हॉटस्पॉट है वहां हॉटस्पॉट को छोड़ कर बाकी जगह भी काम चालू होंगे. तीसरा, इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे गहन संक्रमण वाले जिलों को कोई छूट नहीं दी जाएगी.

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