वनाधिकार अधिनियम के तहत निरस्त दावों के निराकरण में उमरिया जिला पहले स्थान पर रहे


वनाधिकार अधिनियम के तहत निरस्त दावों के निराकरण में उमरिया जिला पहले स्थान पर रहे


आदिम-जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बैठक में की समीक्षा 


भोपाल : गुरूवार, अगस्त 6, 2020, 20:15 IST

आदिम-जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले वनाधिकार अधिनियम के निरस्त पट्टों के निराकरण में उमरिया जिला पहले स्थान पर रहना चाहिये। उन्होंने अधिकारियों को पट्टों के निराकरण में संवेदनशील रवैया अपनाने के लिये कहा। जिले में वनाधिकार अधिनियम में निरस्त किये गये दावों में से 294 दावे मान्य कर लिये गये हैं। मंत्री सुश्री मीना सिंह आज उमरिया में जिलाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थीं।

आदिम-जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा कि वनवासी आदिवासियों ने जल, जमीन एवं जंगल को बचाया है। उन्हें वनाधिकार-पत्र दिये जाने चाहिये। सुश्री मीना सिंह ने कहा कि साक्ष्य के अभाव में कोई भी प्रकरण निरस्त नहीं किया जाये। आदिम-जाति कल्याण मंत्री ने कहा कि निरस्त दावों के प्रकरण के निराकरण में ग्राम के दो बुजुर्गों के कथन दर्ज कर साक्ष्य के रूप में उपयोग किये जायें। उन्होंने कहा कि सामुदायिक उपयोग के लिये वह भूमि आवंटित न की जाये, जिसमें पूर्व से कोई व्यक्ति काबिज है।

कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम से संबंधित 134 दावे एक-दो दिन में निराकृत कर दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि जिले में ग्राम-स्तर और अनुभाग-स्तर पर गठित समितियों द्वारा तेजी से निराकरण किया जा रहा है। बैठक में वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


मुकेश मोदी


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