शिवपुरी -जनसुनवाई में पहुंचे फरियादी, कलेक्ट्रेट में पीने का पानी तक नहीं मिला: वाटर कूलर खाली मिला, बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हुए लोग; खाद-पंचायत से लेकर स्कूल और बिजली की शिकायतें भी पहुंचींशिवपुरी। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की गई। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन जनसुनवाई में आने वाले फरियादियों को कलेक्ट्रेट परिसर में पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। परिसर में लोगों के लिए लगाया गया वाटर कूलर पानी के अभाव में खाली पड़ा था। गर्मी और भीड़ के बीच पानी नहीं मिलने से कई लोग बाहर से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हुए।खनियाधाना तहसील से अपनी शिकायत लेकर पहुंचे एक दिव्यांग ने व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दूर से अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में आए हैं, लेकिन यहां पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। उन्हें बाहर जाकर पानी खरीदना पड़ा। जनसुनवाई में आने वाले ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन को कम से कम पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।अलग-अलग समस्याओं को लेकर पहुंचे फरियादीजनसुनवाई में करैरा की ग्राम पंचायत सिरसौद के सरपंच अतरसिंह लोधी ने पंचायत का डीएससी/डोंगल वापस दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि करीब डेढ़ महीने से डोंगल उनके पास नहीं होने के कारण पंचायत के काम, सफाई कर्मचारियों के भुगतान और नल-जल योजना का काम प्रभावित हो रहा है।वहीं 74 वर्षीय किसान शम्भूदयाल शर्मा ने ऑनलाइन टोकन मिलने के बावजूद खाद नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कई बार संस्था के चक्कर लगाने के बाद भी खाद नहीं मिला। किसान ने पंजीयन के आधार पर खाद दिलाने की मांग की।नवोदय विद्यालय में भी पानी की समस्यापीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय पनघटा के छात्रों के अभिभावकों ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर आवेदन दिया। इसमें प्राचार्य का पद रिक्त होने, शिक्षकों व पुस्तकों की कमी और पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत के साथ स्कूल व हॉस्टल में पेयजल की समस्या भी उठाई गई। अभिभावकों ने कई हैंडपंप और वाटर कूलर बंद होने तथा विद्यार्थियों के बीमार पड़ने का हवाला देते हुए पानी की जांच कराने की मांग की।लाइनमैन पर फर्जी रसीद देने का आरोपगणेशखेड़ा पंचायत लालपुर के ग्रामीणों ने बिजली बिल को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने एक लाइनमैन पर बिल की राशि लेने के बाद कथित तौर पर फर्जी रसीद देने और राशि कार्यालय में जमा नहीं करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर कार्रवाई और लंबित बिलों का निराकरण कराने की मांग की।इसके अलावा करैरा निवासी कल्लू खान ने बेटी की शादी के कर्ज और पत्नी के इलाज के लिए बैंक खाते में जमा राशि में से 3 लाख रुपए निकलवाने की अनुमति दिलाने संबंधी आवेदन दिया।


