मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित सिंहस्थ-2028 मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में उज्जैन सहित 7 जिलों में संचालित 148 विकास कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही इंदौर, आगर-मालवा, मंदसौर और देवास जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओंकारेश्वर में अस्पताल और हेलीपैड निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से हो सकें और एयर एम्बुलेंस की पहुंच आसान बने।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी भारत सरकार से संबद्ध थर्ड पार्टी कंसलटेंट द्वारा कराई जाए। इसके अलावा आवश्यक मानव संसाधनों की तैनाती और प्रशिक्षण प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में भीड़ एवं आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं के लिए आधुनिक तकनीक आधारित माइक्रो प्लानिंग पर जोर दिया गया। साथ ही उज्जैन में शिप्रा घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों और पार्किंग सुविधाओं के निर्माण कार्यों को भी समानांतर रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


