सोते समय बजने लगती है नाक? Malaika Arora के ट्रेनर ने दिए रात के इस दुश्मन को जड़ से खत्म करने के 3 आसान टिप्स – fitness trainer of malaika arora gives 3 easy natural tips to control snoring

आज के समय में ज्यादातर लोग सोते समय खर्राटे (Snoring) लेते हैं। भले ही यह आपको एक सामान्य बात लगे लेकिन सोते समय नाक बजना कई गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

एनसीबीआई में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, खर्राटे लेना 46 प्रतिशत तक स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाता है। इसके साथ ही खर्राटे हार्ट स्लीप एप्निया का कारण हो सकते हैं जो हार्ट डिजीज की संभावना को बढ़ाते हैं। इसके अलावा यह माना जाता है कि खर्राटे लेने वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा भी अधिक होता है। ऐसे में यदि आप अपने खर्राटों को हल्के में ले रहें हैं तो संभल जाएं।

खर्राटों को नेचुरल तरीके से भी ठीक किया जा सकता है। यदि आपने अभी तक अपने खर्राटों का कोई उपचार शुरू नहीं किया है तो एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के फिटनेस ट्रेनर सर्वेश शशि के ये आसान टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं।

खर्राटे के उपचार के लिए योगासन

​ये तीन योगासन कर सकते हैं खर्राटे का इलाज

फिटनेस ट्रेनर सर्वेश शशि बताते हैं कि खर्राटे लेने से न केवल आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है बल्कि आपके बेड पार्टनर पर भी असर पड़ सकता है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है ये तीन योगासन- धनुरासन, भुजंगासन और भ्रामरी प्राणायाम।

​धनुरासन, भुजंगासन और भ्रामरी प्राणायाम के फायदे

  • पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
  • पोस्ट पोस्चर को एडजस्ट करता है
  • मधुमेह रोगियों में ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखता है
  • पिट्यूटरी और पीनियल ग्रंथियों को उत्तेजित करता है
  • मस्तिष्क के तनाव को दूर करता है
  • बीपी कंट्रोल करता है
  • तनाव से राहत
  • शरीर के लचीलेपन में सुधार करता है

​ऐसे करें धुनरासन

  • इस आसान को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं।
  • अब हाथों को कमर के बगल में रखकर जमीन से चिपका लें और शरीर को एक दम सीधा रखें।
  • अब पैरों को घुटने से मोड़कर पीछे की ओर लाएं और पैरों के पंजों को हाथों से पकड़ लें।
  • अब एड़ियों को थोड़ा उपर की ओर उठाएं, जिससे कंधे खिंचें और शरीर थोड़ा ऊपर उठे।
  • ध्यान रखें कि छाती और जांघें ऊपर उठी रहें और कमर जमीन से चिपकी रहे।

​ऐसे करें भुजंगासन

  • अपने पैरों की एड़ियों पर बैठ जाइए।
  • अब अपने हाथों को अपनी जांघों पर रख लें। इस मुद्रा को वज्रासन कहते हैं।
  • फिर अपने दोनों हाथों को इनहेल करते हुए ऊपर उठाएं।
  • अब सामने की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को आगे समानांतर फैलाते हुए, सांस छोड़ते हुए हथेलियों को जमीन पर टिका दें।
  • फिर सीने से जमीन को स्पर्श करते हुए उसे आगे की तरफ धीरे-धीरे तब तक लेते जाएं, जब तक वह हाथों की सीध में न आ जाए।
  • फिर हाथों को सीधा करते हुए तथा पेट को जमीन से लगाते हुए सीने को आगे और ऊपर की ओर करें।
  • अब इस स्थिति में पीठ को धनुषाकार बनाते हुए सिर को आगे की ओर झुकाते हुए जमीन पर टिका दें।
  • कुछ देर तक इसी स्थिति में रहें। और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने शरीर को सीधा करें।

​ऐसे करें भ्रामरी प्राणायाम

  • एक समतल पर शांत, प्राणायाम की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • आंखों को बंद कर लें।
  • दोनों हाथों की अनामिका उंगली से अपने कान बंद कर लें।
  • एक लंबी गहरी सांस लें।
  • इसके बाद बिना मुंह खोले भ्रमर की आवाज़ निकालें।
  • धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • इसी प्रक्रिया को 6-7 बार दोहराएं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।




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