- सुनवाई के दौरान पक्ष-विपक्ष के वकीलों में तीखी बहस
- SC बोला- सबरीमाला केस के बाद होगी सुनवाई
दिल्ली हिंसा के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. हर्ष मंदर केस पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (एसजी) ने हिंसा की तस्वीर कोर्ट को दी, जिसमें पुलिस स्टेशन को जलाया जा रहा है. इसके बाद हर्ष मंदर के दो भाषणों को हवाला दिया गया. इस पर हर्ष मंदर के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि वो भाषण ना तो देशद्रोह जैसा था और न ही भड़कऊ.
हर्ष मंदर के विवादित बयान पर सॉलिसिटर जनरल (एसजी) ने कहा कि हर्ष मंदर के खिलाफ हमारे पास एक वीडियो और भी है, जिसमें उन्होंने विवादित बयान दिया था. जो स्पीच मंदर ने दिया है, वो अवमानना का मामला बनता है. मंदर की तरफ से दुष्यंत दवे के कहा कि मंदर की स्पीच में ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन सरकार मैसेंजर को सू करना चाहती है.
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हलफनामा दायर करें
इस पर चीफ जस्टिस एसए बोवड़े ने कहा कि मंदर के स्पीच को लेकर हलफनामा दायर करें. वहीं, हर्ष मंदर की तरफ से राजीव धवन ने बहस करना शुरू किया तो तुषार मेहता ने आपत्ति दर्ज जताते हुए कहा कि एक मुवक्किल के लिए आखिर दो वकील कैसे? एक वकील को ही बहस करने दिया जाए.
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वकीलों के बीच तीखी बहस
हालांकि, इस बीच दुष्यंत दवे और तुषार मेहता के बीच तीसी बहस हुई. गरमागरम बहस के बीच दुष्यंत दवे ने तुषार मेहता को कहा कि आप मेरे खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल करें, मैं आपको खुली चुनौती देता हूं. चीफ जस्टिस एसए बोवड़े को दखल देना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट ने तुषार मेहता को इजाजत दी कि वो हर्ष मंदर के खिलाफ दूसरी हेट स्पीच को लेकर ट्रांसक्रिप्ट फाइल करें.
अब इस मामले की सुनवाई सबरीमला मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 15 अप्रैल को होगी. सुप्रीम कोर्ट हर्ष मंदर के खिलाफ हेट स्पीच को लेकर 15 अप्रैल को सुनवाई करेगा.


